रिपोर्टर: योगेश यादव | पीएनपी न्यूज महाराष्ट्र
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मुंबई सीमा शुल्क विभाग ने समुद्र के बीच बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘एमवी टीना-4’ नामक जहाज पर छापा मारकर करीब 180 टन अवैध डीजल बरामद किया है। इस ऑपरेशन में जहाज के कप्तान समेत दो प्रमुख आरोपियों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया है। मामले की गहन जांच जारी है और तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
समंदर में तस्करी पर करारा वार: 180 टन अवैध डीजल जब्त, मुंबई कस्टम्स की बड़ी कार्रवाई; मास्टरमाइंड दबोचा गया
रिपोर्टर: योगेश यादव | पीएनपी न्यूज महाराष्ट्र
मुंबई सीमा शुल्क विभाग ने समुद्र के बीच बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘एमवी टीना-4’ नामक जहाज पर छापा मारकर करीब 180 टन अवैध डीजल बरामद किया है। इस ऑपरेशन में जहाज के कप्तान समेत दो प्रमुख आरोपियों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया है। मामले की गहन जांच जारी है और तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
मुंबई के समुद्री मार्गों से चल रही तस्करी पर सीमा शुल्क विभाग (कस्टम्स) ने एक बड़ी और अहम कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुख्ता खुफिया सूचना के आधार पर बीच समुद्र में की गई इस ऑपरेशन के दौरान भारी मात्रा में विदेशी डीजल जब्त किया गया, जिसे चालाकी से जहाज की पानी की टंकियों में छिपाकर ले जाया जा रहा था।
बीच समुद्र में MV टीना-4 पर कस्टम्स की बड़ी कार्रवाई
मुंबई कस्टम्स को इनपुट मिला था कि एक मालवाहक पोत ‘एमवी टीना-4’ प्रतिबंधित डीजल की बड़ी खेप लेकर भारतीय समुद्री सीमा में प्रवेश करने वाला है। रविवार को कस्टम्स की टीम ने रणनीति के तहत समुद्र के बीच इस जहाज को रोका और तलाशी ली। जांच के दौरान अधिकारियों को तब हैरानी हुई जब पानी की टंकियों में पानी की जगह हाई-स्पीड डीजल भरा मिला।
शातिर तस्करी नेटवर्क का खुलासा, दो आरोपी हिरासत में
तत्काल कार्रवाई करते हुए कस्टम्स ने जहाज के कप्तान और पोत मालिक के बेटे को हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह डीजल विदेशी जहाजों से अवैध रूप से खरीदा गया था। इस तस्करी रैकेट का उद्देश्य कस्टम ड्यूटी की चोरी कर तटीय इलाकों में नावों और औद्योगिक इकाइयों को सस्ते दामों पर ईंधन सप्लाई करना था। अधिकारियों को शक है कि इस नेटवर्क में कई और लोग भी शामिल हैं।
180 टन से ज्यादा डीजल जब्त, अब तक की बड़ी कार्रवाई
कस्टम्स अधिकारियों के मुताबिक जब्त किए गए डीजल की मात्रा 180 टन से अधिक है, जो हाल के समय में मुंबई कस्टम्स की सबसे बड़ी जब्तियों में गिनी जा रही है। जब्त किए गए पोत और ईंधन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। माना जा रहा है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और संगठित तरीके से सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा रहा था।
आगे और खुलासों की संभावना
फिलहाल आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है। कस्टम्स अधिकारियों का दावा है कि इस मामले में जल्द ही और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं। विभाग अब उन स्थानीय नेटवर्क और संपर्कों की तलाश में जुटा है, जो इस अवैध ईंधन को बाजार तक पहुंचाने का काम करते थे। आने वाले दिनों में इस केस में और गिरफ्तारियां संभव बताई जा रही हैं।











