मुंबई
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पालघर/नालासोपारा। महाराष्ट्र के पालघर जिले के नालासोपारा पूर्व क्षेत्र से सामने आए एक सनसनीखेज मामले ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ कथित तौर पर पांच घंटे तक सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का आरोप है। पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस जांच के अनुसार, यह मामला केवल दुष्कर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कथित तौर पर विश्वास जीतकर शोषण, ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर पहलू भी शामिल हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पहले नाबालिग से संपर्क बढ़ाया और फिर उसे अपने प्रभाव में लेने की कोशिश की।
परिजनों का आरोप है कि पीड़िता को पहले भावनात्मक रूप से फंसाया गया। इसके बाद उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए गए और कथित रूप से उसकी तस्वीरें व वीडियो रिकॉर्ड किए गए। इन्हीं तस्वीरों और वीडियो के आधार पर उसे लगातार धमकाया और ब्लैकमेल किया जाने लगा। परिवार का कहना है कि लड़की डर और दबाव के कारण लंबे समय तक चुप रही।
शिकायत के मुताबिक, जब नाबालिग ने आरोपियों की बात मानने से इनकार किया तो उस पर और अधिक दबाव बनाया गया। आरोप है कि उसे एक स्थान पर बंधक बनाकर रखा गया और कई घंटों तक उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। पीड़िता ने परिवार को आपबीती सुनाई, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
पेल्हार पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, घटना 27 अक्टूबर को सुबह करीब 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे के बीच हुई। आरोप है कि गावदेवी मंदिर के पास स्थित एक कपड़ा दुकान के अंदर पीड़िता को ले जाकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया गया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश में टीम गठित की।
जांच के दौरान आरोपियों की पहचान नतीफ शेख (24) और अरबाज शेख (30) के रूप में हुई। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी की गई। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की विस्तार से जांच की जा रही है और डिजिटल साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उसके बयान दर्ज किए गए हैं। मामले में फोरेंसिक साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं ताकि अदालत में मजबूत आरोप पत्र प्रस्तुत किया जा सके। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस पूरे घटनाक्रम में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका रही है।
घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। क्षेत्र के नागरिकों ने नाबालिग के साथ हुई इस वारदात को मानवता को शर्मसार करने वाला बताया और आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की। सामाजिक संगठनों ने भी पीड़िता और उसके परिवार को न्याय दिलाने की बात कही है।
बाल अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि नाबालिगों को बहला-फुसलाकर शोषण करने के मामलों में समाज और परिवार दोनों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के ऑनलाइन और ऑफलाइन संपर्कों पर नजर रखने तथा किसी भी प्रकार की धमकी या ब्लैकमेलिंग की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करने की अपील की है।
फिलहाल दोनों आरोपी न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं पीड़िता और उसके परिवार को आवश्यक कानूनी और मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराने की भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।










