संवाददाता अजीत कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैरिया बलिया। उत्तर प्रदेश–बिहार सीमा पर स्थित जयप्रभा सेतु के पास बिहार पुलिस ने शराब तस्करी की अब तक की बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। 8,316.72 लीटर विदेशी शराब से लदा कंटेनर मांझी जांच चौकी पर पकड़ा गया, लेकिन इस बड़ी सफलता से ज्यादा चर्चा उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद में पुलिस और प्रशासन की चुप्पी को लेकर हो रही है। बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है, इसके बावजूद तस्कर इतने बेखौफ हैं कि हरियाणा निर्मित विदेशी शराब से भरा कंटेनर उत्तराखंड नंबर (UK06CB2383) के साथ उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से होकर बेरोकटोक बिहार पहुंच गया। सवाल सीधा है जब कंटेनर बिहार में पकड़ा गया, तो यूपी में क्यों नहीं? यह कंटेनर बलिया जनपद के बैरिया क्षेत्र, चांद दियर चौकी सहित कई थाना क्षेत्रों से होकर गुजरा। आम लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी गाड़ी, भारी लोड और बाहरी नंबर प्लेट के बावजूद किसी चेक पोस्ट पर न रोका जाना सामान्य नहीं हो सकता। क्या यह महज लापरवाही है या फिर शराब तस्करी को मौन संरक्षण मिल रहा है?
*जहां यूपी फेल,वहां बिहार पुलिस सफल*
यह कार्रवाई सहायक आयुक्त मद्यनिषेध केशव कुमार झा के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत हुई। मांझी जांच चौकी पर निरीक्षक मद्यनिषेध सह थानाध्यक्ष सदर (सारण) सुरेश प्रसाद चौधरी और एएसआई नीरज कुमार अपनी टीम के साथ वाहनों की सघन जांच कर रहे थे। तभी यूपी की ओर से आ रहे कंटेनर को रोककर स्कैन किया गया और शराब की बड़ी खेप का खुलासा हुआ। इस कंटेनर में 750 एमएल की 4,080 बोतलें (340 कार्टन) 3,060 लीटर,375 एमएल की 6,000 बोतलें (250 कार्टन) 2,250 लीटर,180 एमएल की 16,704 बोतलें (348 कार्टन) 3,006.72 लीटर, कुल 8,316.72 लीटर विदेशी शराब। मौके से कंटेनर चालक नरेंद्र कुमार (29 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया है, जो बाड़मेर (राजस्थान) के ग्राम सोमाणियां की ढाणी का निवासी है। आरोपी को न्यायालय भेज दिया गया है और तस्करी नेटवर्क की जांच जारी है।
*बड़ा सवाल—नेटवर्क यूपी में, गिरफ्तारी बिहार में क्यों?*
सूत्रों का कहना है कि इतनी बड़ी खेप बिना स्थानीय सहयोग के सीमा पार नहीं हो सकती। इसके बावजूद अब तक बलिया में न तो किसी अधिकारी से जवाब मांगा गया है, न ही किसी थाना स्तर पर जांच की घोषणा हुई है।
*क्या बलिया प्रशासन देगा जवाब?*
यह घटना केवल शराब बरामदगी की नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही की परीक्षा है।
अगर कंटेनर बिहार में पकड़ा गया, तो यूपी पुलिस की चेकिंग व्यवस्था आखिर किस काम की है?
अब देखना यह है कि—
क्या बलिया पुलिस अपने स्तर पर जांच शुरू करेगी?
क्या जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई होगी?
या फिर यह मामला भी कागज़ों में दबा दिया जाएगा?











