रेवाड़ी 14 अप्रैल ब्यूरो चीफ दीपक तिवारी
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अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के लंबे हाथों से बच पाना आखिरकार मुश्किल ही होता है। रेवाड़ी पुलिस ने एक ऐसे ही आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है, जो पिछले करीब 30 वर्षों से फरार चल रहा था।
थाना धारूहेड़ा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गौतस्करी के एक पुराने मामले में वांछित आरोपी को काबू किया है। पुलिस के अनुसार यह मामला 18 जून 1996 का है, जब गांव गुर्जर घटाल के पास नाकाबंदी के दौरान एक संदिग्ध ट्रक को रुकवाया गया था। ट्रक में गायों को भरकर हरियाणा से राजस्थान ले जाया जा रहा था।
नाकाबंदी के दौरान ट्रक में सवार आरोपी मौके से फरार होने में सफल हो गए थे, लेकिन पुलिस ने ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया था। जांच के दौरान ट्रक में 12 गायें घायल अवस्था में मिलीं, जबकि तीन गायों की मौत हो चुकी थी।
इस संबंध में पुलिस ने इरशाद और यूनुस निवासी साल्हाका, थाना सदर तावडू, जिला नूंह के खिलाफ मामला दर्ज किया था। लंबे समय तक तलाश के बावजूद दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहे। वर्ष 2002 में अदालत ने दोनों को भगोड़ा (पीओ) घोषित कर दिया था। बाद में पुलिस ने एक आरोपी इरशाद को तो गिरफ्तार कर लिया था लेकिन दूसरा आरोपी यूनुस लगातार पुलिस को चकमा देने में कामयाब होता रहा।
अब थाना धारूहेड़ा पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी यूनुस को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
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