November 2, 2026 10:29 pm

सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए पीएमएफएमई योजना काफी कारगार : डीसी

रेवाड़ी, 08 फरवरी चिफ ब्यूरो दीपक तिवारी

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केंद्र सरकार द्वारा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों के विकास एवं सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के अंतर्गत विशेष पहल की गई है। इस योजना के तहत इच्छुक लाभार्थी अपने नए अथवा मौजूदा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम की स्थापना, विस्तार एवं उन्नयन के लिए आवेदन कर सकते हैं। सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने में पीएमएफएमई योजना कारगर साबित हो रही है।

डीसी अभिषेक मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को ऋण पूंजी पर 35 प्रतिशत तक कैपिटल सब्सिडी प्रदान की जाती है, जिसकी अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये निर्धारित है। योजना का लाभ नए व मौजूदा निजी तथा समूह आधारित सूक्ष्म उद्यमों को दिया जा रहा है। योजना के लिए 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी भारतीय नागरिक पात्र हैं। व्यक्तिगत उद्यमी, गैर-सरकारी संगठन, सरकारी समितियां, प्रोपराइटरशिप फर्म, साझेदारी फर्म, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी), किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) तथा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रूप में भी आवेदन किया जा सकता है। अन्य सरकारी योजनाओं के लाभार्थी भी इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र हैं।डीसी अभिषेक मीणा ने बताया की पीएमएफएमआई योजना का लाभ 18 वर्ष से ऊपर की आयु का भारतीय नागरिक होना चाहिए। इसके अलावा व्यक्तिगत, गैर सरकारी संगठन, सरकारी समिति, प्रोपराइटरशिप फर्म, साझेदारी फर्म, एस.एच.जी./एफ.पी.ओ. तथा एकल इकाई के तौर पर व्यक्तिगत, एस.एच.जी./एफ.पी.ओ./प्राइवेट लिमिटेड कंपनी आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि अन्य योजनाओं के लाभार्थी भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं। उन्होंने जिला के इच्छुक उद्यमियों से आह्वान किया कि वे पीएमएफएमई योजना का अधिकतम लाभ उठाकर स्वरोजगार को बढ़ावा दें तथा स्थानीय स्तर पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को सशक्त बनाएं।

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