मऊगंज बताया गया की मऊगंज के गडरा गांव के निवासी द्विवेदी परिवार ने अशोक कोल को अपनी जमीन बेची थी. जिसके कुछ पैसे भी बकाया थे. दो माह पूर्व मऊगंज में अशोक आदिवासी की बाइक से एक्सिडेंट हुआ था और बाइक एक भैंस से टकरा गई थी. जिसमें अशोक आदिवासी की मौत हो गई थी. पुलिस ने मर्ग कायम करके शव का पोस्टमार्टम करवाया था. पीएम रिपोर्ट में एक्सीडेंट से मौत होना पाया गया था. लेकिन मृतक अशोक आदिवासी के परिजन ने द्विवेदी परिवार के बेटे सनी द्विवेदी पर सुनियोजित तरीके से हत्या करने का आरोप लगाया था. जिसके बाद मामले पर पुलिस के अधिकारियों ने एडिशनल एसपी रैंक के आधिकारी से जांच करवाई थी. जांच के बाद पाया गया की एक्सीडेंट के कारण ही अशोक कोल की मौत हुई थी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!युवक को बंधक बनाकर हत्या करने का आरोप
शनिवार को होली के ठीक दूसरे दिन दोपहर के वक्त सनी द्विवेदी उसी अशोक आदिवासी परिवार की दुकान पर समान लेने गया था जिसकी मौत का आरोप परिजन ने सनी द्विवेदी पर लगाया था. इसी बीच आदिवासी परिवार के लोगों ने सनी को किराने की दुकान पर ही बंधक बना लिया. इसकी सूचना सनी के परिजन को हुई तो वह आदिवासी परिवार से बातचीत करने पहुंचे तभी आदिवासी परिवार के लोगों ने भगा दिया. इसके बाद परीजन ने पुलिस को सूचना दी. मौके पर तहसीलदार कुमरे लाल पनिका, एसडीओपी अंकिता सूल्या, शाहपुर थाना प्रभारी संदीप भारतीय, सहित दो एएसआई सहित अन्य पुलिस कर्मी पहुंचे.
पुलिस पहुंची तो मिला शव
पुलिस टीम जब बंधक बने युवक को छुड़ाने गई तो वह मृत अवस्था में पाया गया. इसके बाद पुलिस ने दो आदिवासी युवकों को मौके से हिरासत में लिया जिसके बाद भीड़ उग्र हो गई और पुलिस टीम पर पर ही पथराव करते हुए हमला कर दिया. सभी को बंधक बना लिया. हमले में तहसीलदार सहित एसडीओपी और अन्य 10 पुलिस कर्मी घायल हुए हैं, जबकि एक एएसआई की मौके पर ही मौत हो गई.











