संवाददाता अजीत कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैरिया बलिया। जनपद बलिया के थाना बैरिया क्षेत्र से पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। उपाध्यायपुर निवासी प्रशान्त कुमार पुत्र देवनाथ यादव ने उपनिरीक्षक नीरज कुमार वर्मा पर जांच में कूटरचना, कर्तव्य में लापरवाही, तथा जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
पीड़ित के अनुसार, उन्होंने जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से मुकदमा अपराध संख्या 380/2025 से संबंधित शिकायत IGRS संदर्भ संख्या-92519302424287 के तहत दर्ज कराई थी, जिसकी जांच उपनिरीक्षक नीरज कुमार वर्मा को सौंपी गई थी। आरोप है कि जांच अधिकारी ने बिना स्थल निरीक्षण किए, पहले से मौजूद एक अन्य मामले मु०अ०सं०-238/2025 की घटना स्थल की पुरानी फोटो को ही 24 नवंबर 2025 की नई घटना बताकर पोर्टल पर अपलोड कर दिया। पीड़ित का कहना है कि उक्त फोटो पहले ही उपनिरीक्षक हरिचरण यादव द्वारा 26 मई 2025 को एक अन्य मामले में अपलोड की जा चुकी थी। इस तरह पुराने फोटो का दोबारा प्रयोग कर विपक्षी को अनुचित लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया, जो कि जांच प्रक्रिया के साथ गंभीर छल और कर्तव्य में घोर लापरवाही को दर्शाता है। मामले की शिकायत जब पुलिस अधीक्षक बलिया को 3 दिसंबर 2025 को दी गई, तो इससे नाराज होकर उपनिरीक्षक नीरज कुमार वर्मा ने 8 दिसंबर 2025 की शाम करीब 6 बजे सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन पर पीड़ित को रोक लिया और कथित रूप से अश्लील गालियां देते हुए जान से मारने तथा फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी के रूप में हरेराम यादव और लल्लू यादव, दोनों निवासी उपाध्यायपुर, मौके पर मौजूद थे, जिन्होंने बीच-बचाव किया। पीड़ित का आरोप है कि थाना स्तर पर कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने पुनः पुलिस अधीक्षक बलिया को रजिस्ट्री के माध्यम से शिकायत भेजी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। न्याय न मिलने से आहत होकर पीड़ित ने सक्षम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है और थानाध्यक्ष बैरिया को एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना कराने का आदेश देने की मांग की है। अब देखना यह है कि पुलिस विभाग इस गंभीर आरोप पर क्या संज्ञान लेता है और क्या पीड़ित को न्याय मिल पाता है।











