रितिक कुमार जिला ब्यूरो चीफ
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*वाटर हार्वेस्टिंग सहित मैदान समतलीकरण कार्य तेज, जिलाधिकारी ने दिए 31 दिसंबर तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश* खिलाड़ियों में दिखा उत्साह, अब नहीं जाना पड़ेगा बाहर* मा0 मुख्यमंत्री जी के हालिया आगमन के बाद इंदिरा स्टेडियम के खेल मैदान का कायाकल्प शुरू हो गया है। मैदान को गड्ढामुक्त और समतल बनाने के साथ ऐसी आधुनिक व्यवस्था की जा रही है कि अब बारिश होने पर भी मैदान पर पानी एकत्र नहीं होगा। इसके लिए पूरे मैदान में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किया जा रहा है, जिससे जलभराव की समस्या समाप्त होगी और वर्षा का पानी उपयोगी रूप से संरक्षित रहेगा। इंदिरा स्टेडियम का मैदान लंबे समय से गड्ढों और जलभराव की समस्या से जूझ रहा था। बारिश के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती थी, जिससे खिलाड़ियों का अभ्यास बाधित हो जाता था। कई खिलाड़ी अच्छे मैदान की तलाश में बाहर जाने को मजबूर थे। अब इन समस्याओं का समाधान होने जा रहा है।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने स्वयं मैदान का निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्देशित किया कि 15 दिन के अंदर मैदान को समतल कर घास लगाई जाए तथा 31 दिसंबर तक कार्य हर हाल में पूरा किया जाए।ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा 11 लाख 70 हजार रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया है। इसी धनराशि से मैदान समतलीकरण, गड्ढे भरने, घास की परत बिछाने और वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना का कार्य किया जा रहा है। विभाग को धन जारी कर दिया गया है और कार्य तेजी से प्रगति पर है। मैदान के पुनरुद्धार की जानकारी मिलते ही जनपद के खिलाड़ियों में उत्साह की लहर है। उनका कहना है कि अब उरई में भी उच्चस्तरीय ग्राउंड उपलब्ध होगा, जहां वे बिना रुकावट नियमित अभ्यास कर सकेंगे। इससे स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिलेगा।
इंदिरा स्टेडियम के बदलते स्वरूप से खिलाड़ियों में नई ऊर्जा देखने को मिल रही है। उम्मीद है कि नया और आधुनिक मैदान जल्द ही जनपद की खेल प्रतिभाओं को नई दिशा देगा और प्रदेश स्तर पर भी जनपद का नाम रोशन करेगा।











