रिपोर्टर विजेन्द्र कुमार मौर्या राबर्ट्सगंज सोनभद्र PNP NEWS
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रक्षाबंधन के पर्व से पहले सोनभद्र में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने स्नेह के साथ आत्मनिर्भरता का संदेश भी दिया। समूह की महिलाओं ने अपने हाथों से तैयार की गई राखियां जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की कलाई पर बांधीं।
इस आत्मीय अवसर ने भाई-बहन के प्रेम के साथ महिलाओं के हुनर और स्वावलंबन की तस्वीर भी सामने रखी।
जिलाधिकारी ने महिलाओं के बीच बैठकर उनके द्वारा तैयार की जा रही राखियों को देखा। उन्होंने राखी बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, लागत, डिजाइन, बाजार और बिक्री से होने वाली आमदनी की जानकारी ली। महिलाओं की मेहनत और रचनात्मकता की सराहना करते हुए उन्होंने स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और उनकी बिक्री बढ़ाने पर जोर दिया।
30 समूहों की 150 महिलाएं बनीं राखी कारोबार का हिस्सा
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े 30 स्वयं सहायता समूहों की करीब 150 महिलाएं इस बार राखी तैयार करने में जुटी हैं। इन महिलाओं ने अब तक लगभग 20 हजार राखियां तैयार कर ली हैं। आकर्षक डिजाइन और स्थानीय स्तर पर तैयार इन राखियों को बाजार में उतारने की तैयारी है। बिक्री से समूह की महिलाओं को लाखों रुपये की आय होने की उम्मीद है। रक्षाबंधन इन महिलाओं के लिए इस बार केवल त्योहार नहीं, बल्किअतिरिक्त आमदनी का अवसर भी लेकर आया है। घर-परिवार की जिम्मेदारियों के साथ महिलाएं अपने हुनर को रोजगार में बदल रही हैं। इससे उन्हें आर्थिक मजबूती मिलने के साथ परिवार की आय में भी योगदान का अवसर मिल रहा है।डीएम की कलाई पर बंधी राखी बनी स्वावलंबन का संदेश
जब समूह की महिलाओं ने जिलाधिकारी को अपने हाथों से बनाई राखी बांधी तो माहौल आत्मीय हो उठा। राखी के इस धागे में स्नेह के साथ महिलाओं के परिश्रम, आत्मविश्वास और आर्थिक स्वतंत्रता की भावना भी दिखाई दी। जिलाधिकारी ने महिलाओं को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए उनके कार्यों की सराहना की और भविष्य में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार की गई राखियां उनके हुनर और मेहनत का परिणाम हैं। स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने और उनकी मांग बढ़ाने से ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि हो सकती है। उन्होंने कहा कि महिला स्वावलंबन को मजबूत करने के लिए रोजगार के साथ बाजार की उपलब्धता भी जरूरी है।
रोजगार के साथ परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का सहारा
महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ने की भी पहल की जा रही है। डे-एनआरएलएम के एफएनएचडब्ल्यू कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य सखियां स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से स्वयं सहायता समूहों से जुड़े परिवारों कीपात्रता की जानकारी जुटाएंगी। पात्र परिवारों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन-आरोग्य योजना और निर्धारित पात्रता के अनुसार मुख्यमंत्री जन-आरोग्य अभियान से जोड़ने की कार्रवाई की जाएगी। योजनाओं के दायरे में आने वाले परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनवाए जाएंगे, ताकि पात्र लोगों को सूचीबद्ध अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक के निशुल्क उपचार की सुविधा मिल सके
जिलाधिकारी ने कहा कि महिलाओं को सिर्फ रोजगार उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है। उन्हें आजीविका के स्थायी साधन, उत्पादों के लिए बाजार और परिवार के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा भी मिलनी चाहिए। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के साथ सरकारी योजनाओं का लाभ उनके परिवारों तक पहुंचाने का प्रयास जारी है।
इस बार सोनभद्र की समूह की महिलाओं की बनाई राखियां केवल भाइयों की कलाइयों पर प्रेम का धागा नहीं बांधेंगी, बल्कि उनके हुनर, मेहनत और आत्मनिर्भर बनने के संकल्प की कहानी भी सुनाएंगी। कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 वागीश कुमार शुक्ला, डीसी मनरेगा रविन्द्र वीर सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी रमेश मिश्रा, उप जिलाधिकारी घोरावल विशाल कुमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।











