रिपोर्ट अजीत कुमार सिंह बिट्टू जी ब्यूरो चीफ PNP न्यूज़ बलिया
बलिया। बलिया के वरिष्ठ कोषाधिकारी आनंद दुबे का स्थानांतरण होने के बाद उन्हें सचिवालय से संबद्ध कर दिया गया है। स्थानांतरण के बाद बलिया से विदाई के समय उनकी पत्नी एवं जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय की पीएचडी शोधार्थी अर्चना पांडेय भावुक नजर आईं। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से बलिया के लोगों से भावुक शब्दों में विदाई ली।
अर्चना पांडेय ने लिखा—
“अलविदा बलिया! हम दोनों को अपनी दुआओं में हमेशा याद रखिएगा। मेरे जीवन की बागडोर पूर्णतः महादेव को समर्पित है। वह जो भी करेंगे, अच्छे के लिए करेंगे। दूसरी मंज़िल हमारे इंतज़ार में है…”
अर्चना पांडेय जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रही हैं। विगत दिनों उन्होंने विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की आवागमन संबंधी समस्या को देखते हुए रोडवेज बस सेवा उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई थी। विश्वविद्यालय के लिए बस सेवा की मांग को लेकर उन्होंने विद्यार्थियों की सुविधा और बेहतर परिवहन व्यवस्था का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था।
वरिष्ठ कोषाधिकारी आनंद दुबे के स्थानांतरण के बाद बलिया में उनके कार्यकाल को लेकर चर्चाएं हैं। वहीं, पत्नी अर्चना पांडेय के भावुक विदाई संदेश ने बलिया से उनके जुड़ाव और आने वाले नए सफर की ओर संकेत किया है।
“अलविदा बलिया” के साथ अर्चना पांडेय ने भरोसा जताया कि महादेव जो भी करेंगे, अच्छे के लिए करेंगे और अब उनकी जिंदगी की दूसरी मंज़िल उनका इंतज़ार कर रही है।











