रिपोर्ट अजीत कुमार सिंह बिट्टू जी ब्यूरो चीफ PNP न्यूज़ बलिया
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बलिया। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अभय नारायण राय के कक्ष में गुरुवार को रसड़ा की निलंबित एएनएम की कथित फर्जी नियुक्ति के मामले को लेकर जमकर हंगामा हुआ। बताया जा रहा है कि इस प्रकरण में निदेशक चिकित्सा की ओर से जारी पत्र में नियुक्ति को फर्जी बताया गया है।
निदेशक की ओर से सीएमओ को निर्देश दिया गया था कि संबंधित एएनएम के आरोपों को समाचार पत्रों में प्रकाशित कराकर 15 दिनों के भीतर जवाब प्राप्त किया जाए। हालांकि, आरोप है कि निदेशक का यह पत्र कई माह से लंबित पड़ा है और अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी है।
गुरुवार को मामले से जुड़े एक पैरोकार की सीएमओ से बातचीत चल रही थी। इसी दौरान स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ लिपिक दयाशंकर के बोलने के बाद विवाद बढ़ गया और कार्यालय में हंगामा शुरू हो गया। काफी देर तक कार्यालय में गहमागहमी की स्थिति बनी रही।
इस दौरान फर्जी नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों, निदेशक के पत्र और उसके अनुपालन को लेकर संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के बीच चर्चा होती रही। पूरे मामले में अब निगाह इस बात पर है कि निदेशक के पत्र पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
हालांकि, नियुक्ति वास्तव में फर्जी थी या नहीं और इस मामले में किसकी जिम्मेदारी तय होती है, यह संबंधित नियुक्ति अभिलेखों, दस्तावेजों और विभागीय जांच के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा।











