रिपोर्टर: योगेश यादव | पीएनपी न्यूज महाराष्ट्र
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भिवंडी: भिवंडी में जर्जर चार मंजिला कोहिनूर इमारत ढहने से नौ लोगों की दर्दनाक मौत के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने प्रशासन को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि C1 श्रेणी की अत्यंत खतरनाक इमारतों को हर हाल में खाली कराया जाए। यदि लोगों की जान बचाने के लिए आवश्यकता पड़े तो सीमित बल प्रयोग करने से भी पीछे न हटें।
शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि जिस इमारत के गिरने से नौ लोगों की जान गई, उसे पहले ही C1 श्रेणी में शामिल किया जा चुका था, यानी वह रहने के लिए पूरी तरह असुरक्षित घोषित की गई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद घटना है। स्थानीय नगर आयुक्त ने मुझे जानकारी दी कि करीब 25 लोगों को पहले ही इमारत से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। इसके बावजूद बिना आवश्यक अनुमति के ठेकेदार द्वारा मरम्मत कार्य जारी रखा गया, जिसके चलते यह बड़ा हादसा हुआ।”
ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री फड़नवीस ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगी। साथ ही उन्होंने नगर आयुक्त को निर्देश दिए हैं कि अवैध मरम्मत कार्य कराने वाले संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।
लोगों की जान बचाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि C1 श्रेणी की इमारतें अत्यंत जर्जर और खतरनाक होती हैं, इसलिए उनमें किसी भी स्थिति में लोगों का रहना सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा, “जीवन सबसे महत्वपूर्ण है। प्रशासन को ऐसे भवनों में रहने वाले लोगों को समझाइश देकर बाहर निकालना चाहिए और यदि आवश्यक हो तो उनकी सुरक्षा के लिए सीमित बल प्रयोग भी किया जा सकता है। अदालत के कुछ दिशा-निर्देश हैं, लेकिन लोगों की जान बचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।”
नौ लोगों की मौत, बचाव अभियान जारी
अधिकारियों के अनुसार, भिवंडी की चार मंजिला कोहिनूर बिल्डिंग ढहने से अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है। मलबे में अभी भी दो से तीन लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हुई हैं।
2020 में ही घोषित हो चुकी थी खतरनाक
भिवंडी-निजामपुर सिटी नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि इस इमारत को सितंबर 2020 में ही खतरनाक घोषित कर C1 श्रेणी में रखा गया था। इसके बाद 5 जून 2026 को भवन खाली करने का नोटिस जारी किया गया था। इतना ही नहीं, सुरक्षा के मद्देनजर इमारत की बिजली और पानी की आपूर्ति भी बंद कर दी गई थी।
इसके बावजूद भवन मालिकों ने नगर निगम की अनुमति लिए बिना इमारत में मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया। अधिकारियों के अनुसार, इसी अवैध मरम्मत के दौरान इमारत भरभराकर गिर गई। नगर आयुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और आपराधिक मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।











