PNP रेवाड़ी, 04 नवंबर ब्यूरो चीफ दीपक तिवारी
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सशक्त कर्मचारी, पारदर्शी प्रशासन-प्रगति की पहचान है। हरियाणा सरकार द्वारा कर्मचारी हितेषी कल्याणकारी योजनाएं और पारदर्शी प्रशासन को लेकर ऑनलाइन माध्यम को बढ़ावा देने के साथ-साथ पूरी तरह से पारदर्शी बनाया जा रहा है। इससे आमजन को अपने दस्तावेजों और प्रशासनिक कार्यों के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते है। घर बैठे ही किसी भी योजना या दस्तावेज बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। बावल के विधायक डा. कृष्ण कुमार ने सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का आमजन से लाभ उठाने के लिए आवेदन करने का आह्वान किया।विधायक डॉ. कृष्ण कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा कर्मचारियों के लिए भी कल्याणकारी योजनाएं चलाई हुई है। वहीं कर्मचारियों के हितों को सर्वोपरि रखा है। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार ने ग्रामीण सफाई कर्मियों का वेतन 15,000 रुपए से बढ़ाकर 16,000 रुपए किया है। वहीं आंशिक दिव्यांगता बीमा कवर 10 गुणा करके, इसे 5 लाख रुपए से बढ़ाकर 50 लाख रुपए करने का सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने बताया कि राज्य कर्मचारियों और न्यायिक अधिकारियों की मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 20 लाख रुपए से बढ़ाकर 25 लाख रुपए की गई है। हरियाणा सरकार ने स्थाई कर्मचारियों की व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा राशि 30 लाख रुपए से बढ़ाकर 50 लाख रुपए करने के साथ-साथ स्थाई कर्मचारियों का ‘टर्म इंश्योरेंस’ दोगुना करते हुए इसे 2 लाख से बढ़ाकर 4 लाख रुपए किया है।विधायक ने बताया कि अनुबंधित कर्मचारियों, तकनीकी शिक्षा, अतिथि संकाय और कॉलेजों के एक्सटेंशन लेक्चरर व अतिथि प्राध्यापकों को सेवा सुरक्षा प्रदान की गई है। कान्फेड, हरियाणा मिनरल्स लिमिटेड तथा हथकरघा एवं निर्यात निगम के वृद्धावस्था सम्मान भत्ता ले रहे पूर्व कर्मचारियों से वसूली योग्य राशि माफ करने का निर्णय भी लिया गया है। कान्फेड, हरियाणा मिनरल्स लिमिटेड तथा हथकरघा एवं निर्यात निगम के पूर्व कर्मचारियों को अब हरियाणा राज्य लघु सिंचाई एवं ट्यूबवेल निगम के कर्मचारियों की तर्ज पर 6 हजार रुपए से 20 हजार रुपए तक मासिक मानदेय देने का निर्णय भी लिया है। वहीं राजकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालय के कर्मचारियों के बच्चे जो मानसिक विकार या अशक्तता से पीड़ित या शारीरिक रूप से दिव्यांग या अशक्त पुत्र और पुत्री को पारिवारिक पेंशन देने का भी निर्णय कल्याणकारी है।











