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निघासन, लखीमपुर खीरी:
स्वास्थ्य सेवा को व्यवसाय बनाने वालों की एक नई मिसाल निघासन के सम्राट हॉस्पिटल में सामने आई है। स्थानीय लोगों द्वारा लगाये गए गंभीर आरोपों के अनुसार इस निजी अस्पताल में नॉर्मल डिलीवरी के मरीजों को डराया, बहकाया और मानसिक रूप से भ्रमित कर जबरन सिजेरियन ऑपरेशन कराया जा रहा है। इसका मकसद सिर्फ और सिर्फ ज्यादा पैसा कमाना है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस कथित लूट की पटकथा फोर्ड अल्ट्रासाउंड निघासन में लिखी जाती है, जहां से डॉक्टर मनमानी व झूठी रिपोर्टें बनवाकर पेशेंट और उनके परिजनों को गुमराह करते हैं। उन्हें यह विश्वास दिलाया जाता है कि सिजेरियन के बिना जच्चा-बच्चा की जान खतरे में है।
💰 *भारी रकम की वसूली* :
ऐसे मामलों में मरीजों से ₹40,000 से ₹50,000 तक की मोटी रकम ली जाती है, जिससे आम और गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ पड़ता है।
🔪 *शरीर पर अनावश्यक चीरफाड़:*
नॉर्मल डिलीवरी की स्थिति में भी सिजेरियन ऑपरेशन करवाकर महिलाओं को शारीरिक और मानसिक दोनों स्तर पर तकलीफ पहुंचाई जा रही है। यह न सिर्फ चिकित्सा आचार संहिता के खिलाफ है, बल्कि अमानवीय भी है।
🔈 *जनता से अपील:*
हम समस्त नागरिकों से अनुरोध करते हैं कि अपनी बहू-बेटियों के बेहतर स्वास्थ्य और बेवजह खर्च से बचने के लिए निजी अस्पतालों की जगह सरकारी अस्पतालों में डिलीवरी करवाएं। सरकारी संस्थानों में प्रशिक्षित डॉक्टर, दवाएं और नॉर्मल डिलीवरी की सुरक्षित सुविधाएं मुफ्त में उपलब्ध हैं।
⚖️ *प्रशासन से मांग:*
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से यह मांग की जाती है कि ऐसे निजी हॉस्पिटल्स की जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि आने वाले समय में कोई और परिवार इस लूट का शिकार न बने।
🛑 *यह सिर्फ एक अस्पताल की बात नहीं, यह एक सिस्टम की गड़बड़ी का आईना है*
अगर आज यह मामला अनदेखा किया गया, तो कल यह बीमारी पूरे जिले में फैल सकती है।
*संवाददाता अनिल कुमार निघासन लखीमपुर खीरी*











