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बलिया। संपादक पीएनपी न्यूज, नीलेश वर्मा
मुरली छपरा (बलिया) – स्वतंत्रता की 78वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मंगलवार को मुरली छपरा की धरती पर देशभक्ति की एक नई कहानी लिखी गई। खंड शिक्षा अधिकारी अरविन्द यादव के नेतृत्व में BRC परिसर से एक भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई, जिसमें ब्लॉक के सभी विद्यालयों के शिक्षकगण शामिल हुए।
इस यात्रा की विशेषता यही रही कि इसमें केवल अध्यापकगण की उपस्थिति रही—उन शिक्षकों की, जो न केवल ज्ञान के वाहक हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के असली स्तंभ भी हैं। हाथों में तिरंगा, चेहरों पर आत्मगौरव और कदमों में जोश—हर शिक्षक का व्यक्तित्व उस दिन देशभक्ति की प्रतिमूर्ति बन गया।
“वंदे मातरम्” और “हर घर तिरंगा” जैसे नारों ने जब आसमान को गुंजायमान किया, तो वातावरण में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ। यह यात्रा न केवल श्रद्धांजलि थी उन शहीदों को, जिन्होंने हमें स्वतंत्रता दी, बल्कि एक संकल्प भी—शिक्षा के ज़रिए देश को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का।
खंड शिक्षा अधिकारी अरविन्द यादव ने इस मौके पर कहा:
“तिरंगा हमारे गौरव, आत्मसम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक है। यह यात्रा एक याद दिलाने वाला पल है—कि हम शिक्षक न केवल कक्षा के भीतर, बल्कि समाज के निर्माण में भी अग्रणी भूमिका निभाते हैं।”
यह आयोजन यह दर्शाता है कि शिक्षक समुदाय आज भी राष्ट्रप्रेम की लौ को जलाए हुए है। यह तिरंगा यात्रा एक संदेश बन गई—कि देशभक्ति सिर्फ पुस्तकों में पढ़ाने की चीज़ नहीं, बल्कि उसे जी कर दिखाने की जिम्मेदारी भी शिक्षकों की है।











