जिला ब्यूरो चीफ अमित कुमार पाण्डेय
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बक्सर। चौसा बाजार स्थित ऐतिहासिक रामलीला मंच पर ताला लगाए जाने को लेकर उत्पन्न विवाद बुधवार को प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद समाप्त हो गया। ग्रामीणों के विरोध और वार्ता के बाद नगर पंचायत की कार्यपालक पदाधिकारी रानी कुमारी ने स्वयं मंच का ताला खोला। इसके बाद लोगों ने जय श्रीराम के नारे लगाए और रामलीला का मंचन दोबारा शुरू करने पर सहमति बनी। मामले को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने नगर पंचायत कार्यालय के मुख्य द्वार पर चार घंटे से अधिक समय तक तालाबंदी कर विरोध जताया। स्थिति को देखते हुए बक्सर के एसडीएम अविनाश कुमार और डीएसपी गौरव पाण्डेय मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों वृज बिहारी सिंह, अभिमन्यु कुशवाहा, विकास राज सहित अन्य लोगों की मौजूदगी में बातचीत कर विवाद का समाधान निकालने का प्रयास किया गया। इस दौरान एसडीएम अविनाश कुमार ने कहा कि रामलीला बाधित नहीं होनी चाहिए थी। यदि किसी प्रकार की समस्या थी, तो उसे आपसी बातचीत और बैठक के माध्यम से सुलझाया जा सकता था। उन्होंने रामलीला का संचालन निर्बाध रूप से जारी रखने की अपील की। वहीं, कार्यपालक पदाधिकारी रानी कुमारी ने स्पष्ट किया कि रामलीला को प्रभावित करना उनकी मंशा नहीं थी। नगर प्रशासन स्थानीय लोगों के साथ पहले भी खड़ा था और आगे भी सहयोग करता रहेगा। ग्रामीणों के अनुसार, चौसा में वर्ष 1925 से रामलीला का आयोजन होता आ रहा है। यह परंपरा धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सौहार्द की भी मिसाल मानी जाती है। मंच पर ताला लगाए जाने से मंगलवार को रामलीला का मंचन नहीं हो सका था। प्रशासनिक पहल के बाद विवाद शांत हुआ और ऐतिहासिक रामलीला के पुनः संचालन का रास्ता साफ हो गया।











