योगेश यादव | महाराष्ट्र ब्यूरो चीफ
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नालासोपारा। अचोले क्षेत्र में मंगलवार देर रात उस समय चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई, जब एक बहुमंजिला रिहायशी इमारत के भीतर अचानक आग भड़क उठी। कुछ ही मिनटों में धुएं का घना गुबार पूरे भवन में फैल गया और लोगों के लिए सांस लेना तक मुश्किल हो गया। रात का सन्नाटा देखते ही देखते दहशत में बदल गया। इस दर्दनाक हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोगों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
नालासोपारा-वसई लिंक रोड पर स्थित 14 मंजिला इम्पीरियल हेरिटेज आवासीय परिसर के बी विंग में यह हादसा रात करीब 11:30 बजे हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग भवन के भूतल पर बने बिजली मीटर क्षेत्र में भड़की। इसके बाद धुआं और गर्म गैसें इमारत के आंतरिक रास्तों से ऊपर की मंजिलों तक पहुंच गईं। कई फ्लैटों में रहने वाले लोग अचानक धुएं के बीच फंस गए और मदद के लिए पुकारने लगे।
हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और आपदा राहत दल मौके पर पहुंचे। बचावकर्मियों ने जोखिम उठाकर एक-एक मंजिल पर पहुंचना शुरू किया और फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। कई परिवारों को आधी रात में अपने घर छोड़कर बाहर खुले स्थानों पर शरण लेनी पड़ी।
इस भीषण दुर्घटना में फाल्गुनी शाह की जान चली गई। दूसरी मृतका की पहचान अश्विनी पारकर के रूप में हुई है। दोनों महिलाओं को बचाने के प्रयास किए गए, लेकिन धुएं के गंभीर प्रभाव के कारण उनकी जान नहीं बच सकी। घटना के बाद मृतकों के परिवारों में शोक का माहौल है।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग की लपटों से अधिक खतरनाक धुआं था, जिसने कुछ ही समय में पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। कई बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे घबराकर अपने फ्लैटों से बाहर निकलने लगे। कुछ लोगों को सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सकीय सहायता भी उपलब्ध कराई गई।
राहत दल की कड़ी मेहनत के चलते लगभग 25 से 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। अगर बचाव अभियान में थोड़ी भी देरी होती तो नुकसान कहीं अधिक बड़ा हो सकता था।
घटना के बाद इमारत की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन तैयारियों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि बहुमंजिला इमारतों में सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच और रखरखाव अत्यंत आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल संबंधित विभागों ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
दो जिंदगियां बुझीं, कई परिवार सहमे
अचोले की यह घटना सिर्फ एक आगजनी नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर बड़ा सवाल भी है। दो महिलाओं की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है, जबकि हादसे से बचे लोग अब भी उस भयावह रात को याद कर सिहर उठते हैं।











