November 2, 2026 9:40 pm

धारूहेड़ा जलमग्न: गंदे पानी और प्रशासनिक उदासीनता से त्राहिमाम, लोग फंसे

 

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द्वारा: दीपक तिवारी

 

धारूहेड़ा, 2/9/25लगातार हो रही भारी बारिश ने धारूहेड़ा को आफत में बदल दिया है। शहर के प्रमुख इलाके जलमग्न हैं, सड़कें नदियाँ बन गई हैं, और आम जनता गंदे पानी एवं प्रशासनिक लापरवाही के बीच फंसकर रह गई है। स्थानीय प्रशासन और सरकार के दावे एक बार फ़ैल नज़र आ रहे हैं।

 

कहाँ-कहाँ है जलभराव?

शहर का हालात चिंताजनक है। मुख्य समस्या क्षेत्र हैं:

 

बैस्ट टैंक आवासीय सोसायटी के सामने: सड़क पूरी तरह से अवरुद्ध हो चुकी है।

 

सुभाष चौक से एनएच-48 तक: भिवाड़ी से आने वाला पानी लगातार बह रहा है और रुकने का नाम नहीं ले रहा।

 

सैक्टर-6 के आसपास: गंदा पानी अब आवासीय इलाकों में घुसने की कगार पर है, जहाँ भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

 

लोगों पर क्या असर पड़ रहा है?

इस संकट ने आम लोगों की जिंदगी दूभर कर दी है:

 

यातायात ठप: धारूहेड़ा से भिवाड़ी जाने वाला रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है।

 

आर्थिक नुकसान: ऑटो और वाहन चालकों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है, जिससे उनके ईंधन और समय दोनों की बर्बादी हो रही है। यात्रियों को अब 10 रुपये का सफर 40-50 रुपये में करना पड़ रहा है, जो दैनिक वेतन भोगियों के लिए एक बड़ा आर्थिक बोझ है।

 

स्वास्थ्य संकट: पूरे इलाके में गंदे पानी और कीचड़ ने स्वास्थ्य संबंधी खतरों को बढ़ा दिया है।

 

सबसे बड़ा आरोप: औद्योगिक इकाइयों का जहरीला पानी

स्थानीय निवासियों का गंभीर आरोप है कि भिवाड़ी की कुछ औद्योगिक इकाइयाँ रासायनिक युक्त गंदा पानी छोड़ रही हैं, जिससे जलभराव की समस्या और भी विकट और खतरनाक हो गई है। यह पानी सिर्फ जमा हुआ पानी नहीं, बल्कि एक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक रासायनिक कॉकटेल बन गया है।

 

प्रशासन और सरकार फेल?

लोगों का कहना है कि वे बार-बार इस समस्या को लेकर आवाज उठा चुके हैं और प्रदर्शन करके थक चुके हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। अगर एक-दो दिन और यही हालात रहे, तो लोगों को अपने घरों में कैद होना पड़ सकता है।

 

स्थानीय पार्षद कमलेश देवी ने आरडीएम रेवाड़ी को इस संकट की सूचना देते हुए तुरंत पंपिंग मशीनें तैनात करने और भिवाड़ी की अनधिकृत औद्योगिक गतिविधियों पर रोक लगाने का अनुरोध किया है।

 

माँग: त्वरित और ठोस कार्रवाई

स्थानीय निवासी और यात्री प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जलभराव की समस्या को जल्द से जल्द ठीक किया जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी और आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े। यह स्थिति दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है और प्रशासन से अविलंब कदम उठाने की अपेक्षा की जा रही है।

 

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