November 3, 2026 9:45 pm

किसानों ने रामपुरा विकासखंड मुख्यालय पर किया प्रदर्शन, सौंपा 15 सूत्रीय ज्ञापन

 

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

रितिक कुमार पत्रकार जिला ब्यूरो चीफ

 

रामपुरा (जालौन)। भारतीय किसान संघ उत्तर प्रदेश, जनपद जालौन के आवाहन पर मंगलवार को किसानों ने अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर एकजुटता का परिचय दिया। लगभग तीन सौ किसानों और ग्रामीणों ने निनावली रोड से विशाल जुलूस निकालकर जोरदार नारेबाजी करते हुए रामपुरा विकासखंड मुख्यालय पहुंचकर धरना दिया। इसके उपरांत किसानों ने खंड विकास अधिकारी रामपुरा की अनुपस्थिति में अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी असित कुमार को मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री एवं जिलाधिकारी जालौन के नाम संबोधित 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।

इस प्रदर्शन का नेतृत्व भारतीय किसान संघ के जिला प्रभारी एवं जिला कार्यालय मंत्री सरमन प्रजापत, सह प्रभारी/सदस्य जिला कार्यकारिणी ब्रजकिशोर सोनी, ब्लॉक अध्यक्ष रामपुरा सत्येंद्र सिंह राजावत तथा ब्लॉक मंत्री रामपुरा विशम्भर दयाल उपाध्याय ने किया। इनके आह्वान पर भारी संख्या में ग्रामीण और किसान “किसान एकता जिंदाबाद” तथा “हमारी मांगे पूरी करो” जैसे नारों के साथ आगे बढ़े। जुलूस के दौरान वातावरण में किसान एकता की गूंज स्पष्ट रूप से सुनाई दे रही थी।

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अपनी कठिनाइयों को खुलकर सामने रखा। उनका कहना था कि वर्तमान समय में कृषि कार्य लगातार महंगा और कठिन होता जा रहा है, जबकि किसानों को सरकारी स्तर पर अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा। ज्ञापन में उन्होंने सभी बिंदुओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है जिसमें सहकारी समितियों पर खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराया जाए। किसानों ने आरोप लगाया कि समितियों में अक्सर खाद की कमी बनी रहती है, जिससे मजबूरन उन्हें ब्लैक में मार्केट से ऊंचे दामों पर खाद खरीदना पड़ता है।

कृषि कार्य हेतु फिलहाल केवल 10 घंटे विद्युत आपूर्ति की जाती है, जबकि फसलों को बचाने और सिंचाई की निरंतरता के लिए 24 घंटे बिजली की आपूर्ति आवश्यक है।

किसानों ने खेतों तक जाने वाले रास्तों (चकरोड) और सिचाई हेतु गूलों को पक्का बनाने की मांग की, जिससे परिवहन व सिचाई में सुविधा हो सके।

माधौगढ़ की शुगर मिल लंबे समय से बंद है, जिसके कारण गन्ना किसानों की खेती बुरी तरह प्रभावित हो रही है। किसानों ने स्पष्ट कहा कि जब तक यह मिल चालू नहीं होगी, तब तक गन्ना उत्पादन घाटे का सौदा बना रहेगा।

किसानों ने उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम और एनएससी द्वारा वितरित किए जा रहे बीजों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गुणवत्ताहीन बीजों के स्थान पर उच्च गुणवत्ता वाले फाउंडेशन बीज उपलब्ध कराए जाएं।

अधिक वर्षा एवं बाढ़ के कारण खरीफ फसलें व्यापक रूप से नष्ट हो गई हैं। किसानों ने बीमा कंपनियों द्वारा समय से क्लेम भुगतान और सरकार से उचित क्षतिपूर्ति की मांग की।

किसानों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के संबंधित अधिकारी व कर्मचारी नियम विरुद्ध ढंग से बीज वितरण कर रहे हैं। उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई।

एवं कृषि यंत्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाले किसानों को शीघ्र यंत्र उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही निजी ट्यूबवेलों पर सोलर प्लांट की सब्सिडी पाने हेतु विद्युत कनेक्शन की अनिवार्यता समाप्त की जाए।

इस अवसर पर किसानों ने कहा कि कृषि उनके जीवनयापन का मुख्य आधार है, लेकिन लगातार बढ़ते उत्पादन खर्च, खाद और बिजली संकट, तथा प्राकृतिक आपदाओं के कारण वे बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। उनके अनुसार, जब तक सरकार किसानों की वास्तविक समस्याओं को समझकर समाधान नहीं करेगी, तब तक कृषि करना घाटे का सौदा ही बना रहेगा।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि ज्ञापन में वर्णित मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और अधिक उग्र स्वरूप दिया जाएगा। किसान नेताओं ने कहा कि भारतीय किसान संघ हमेशा किसानों की आवाज को सशक्त बनाने के लिए तत्पर रहेगा और सरकार को मजबूर करेगा कि वह किसानों के हित में ठोस निर्णय ले।

इस अवसर पर एपीओ असित कुमार ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि ज्ञापन को संबंधित उच्च अधिकारियों तक भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का निराकरण सरकार की प्राथमिकता है और प्रशासन उनकी आवाज को अनसुना नहीं करेगा। रविंद्र सिंह लला ब्लॉक प्रभारी, कमल प्रताप उपाध्यक्ष नीरज श्रीवास्तव से मंत्री मनीष तिवारी, भगवान जी निषाद, राजकुमार सिंह, पिंकी सिंह राजावत, मनोज सिंह राजावत, बलबीर कुशवाहा, दीपू राजावत, संदीप द्विवेदी,पूजन द्विवेदी जमरेही, अरविंद परिहार प्रधान, अरविंद सिंह भदौरिया ,रामचंद्र भदौरिया ऊमरी, अवध बिहारी कठिल विश्व हिंदू परिषद ,हेम प्रकाश सिंह चौहान, बृजेश सिंह सेंगर,सचिन सोनी, विक्रम सोनी, प्रदीप यादव सहित लगभग 5 सैकड़ो लोग मौजूद थे।

रामपुरा विकासखंड मुख्यालय पर हुआ यह प्रदर्शन किसानों की पीड़ा और उनकी एकजुटता का प्रतीक रहा। जहां एक ओर किसान अपनी जीविका बचाने के लिए संघर्षरत हैं, वहीं दूसरी ओर वे प्रशासन से उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उनकी समस्याओं पर सकारात्मक कार्रवाई होगी। भारतीय किसान संघ द्वारा सौंपा गया यह 15 सूत्रीय ज्ञापन फिलहाल किसानों की समस्याओं का वास्तविक आईना साबित हुआ है।

और पढ़ें

Cricket Live Score

Corona Virus

Rashifal

और पढ़ें