रिपोर्टर विजेन्द्र कुमार मौर्या राबर्ट्सगंज सोनभद्र सेहत सार समाचार सोनभद्र
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सोनभद्र। चकाचौंध के बाजार में भावनाओं की ठगी का खेल चल रहा। ऐसे ही एक खेल काे चोपन थाना पुलिस ने उजागर किया है। पुलिस ने बलरामपुर के कोतवाली देहात के खमउआ गांव निवासी झुरा गोसाई, सेहालु उर्फ सेलू, पूरे तिवारी गांव निवासी सिन्टू और संगल प्रसाद को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के मंगलवार को पुलिस लाइन सभागार में पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि चोपन थाना क्षेत्र के गुरदह गांव के अलउर टोला निवासी रामसूरत साहनी का बेटा अनिल कुमार करीब 12 वर्ष पहले लापता हो गया था। तब उसकी दिमागी हालत ठीक थी। अनिल की उस समय उम्र 18 वर्ष थी। परिवार वालों ने कई बार उसकी तलाश की लेकिन उसका पता नहीं चला।
इसी बीच दो दिन पूर्व रामसूरत ने चोपन थाना पुलिस को तहरीर दिया कि नाग पंचमी पर दो व्यक्ति साधु के वेश में मध्य प्रदेश के गढ़वा थाना क्षेत्र के पीपरझगर स्थित उसके साले धनेश प्रसाद के घर 17 अगस्त को पहुंचे। बातचीत में उसमें से एक ने धनेश को मामा कहना शुरू कर दिया। अपने को रामसूरत का खोया हुआ बेटा बताने लगा।परिवार से रिश्तेदारों की जानकारी जुटाई, फिर रोने का नाटक कर भावुक कर दिया। परिवार को विंध्याचल बुलाया। वहां शरीर पर निशान दिखाकर विश्वास दिलाया कि वही उनका बेटा है। फिर गुरु की आज्ञा का हवाला देकर घर जाने से इनकार कर दिया। एसपी ने बताया कि चारो आरोपितों ने चार हजार लोगों को चार बार भंडारा कराने के नाम पर छह लाख रुपये की मांग की।
रुपये न देने पर परिवार में बीमारी और बर्बादी का डर दिखाया। परिवार ने गरीबी बताई तो पांच लाख पर सौदा तय किया। परिवार पशु, मकान, जमीन गिरवी रखकर पैसा जुटाने लगा। आरोपितों ने खाते में एक लाख रुपये मंगवा भी लिए और फिर और पैसों की मांग करने लगे। शक होने पर परिवार ने चोपन पुलिस को सूचना दी।पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे ऐसे परिवारों को टारगेट करते हैं जिनका कोई सदस्य लंबे समय से लापता हो। यूपी समेत अन्य राज्यों में भी इस तरह की ठगी की बात स्वीकार की है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। पत्रकार वार्ता में पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर कुमार मिश्रा, प्रभारी निरीक्षक चोपन गोपाल जी गुप्ता शामिल रहे।
पेट्रोप पंपों का क्यू आर कोड देकर मंगाते थे रुपये
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि बेटा बनकर पिता और मामा से छह लाख रुपये की डिमांड करने वाले चारों आरोपित ठिकाना बदल-बदल कर रुपये मंगाते थे। जहां जाते थे वहां के पेट्रोल पंप से क्यू आर कोड लेते थे। फिर रुपये मंगाकर उसे आपस में बांट लेते थे। रामसूरत ने अपने साले धनेश के माध्यम से एक लाख रुपये कई बार में आरोपितों को भेजा था।











