November 2, 2026 8:07 pm

इफ्को के नैनो उर्वरकों से किसानों को बड़ी राहत: कम लागत में बेहतर उत्पादन*

 

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रितिक कुमार पत्रकार जिला ब्यूरो चीफ

 

जगम्मनपुर (जालौन) – खेती की बढ़ती लागत और घटती मिट्टी की उर्वरता के बीच इफको द्वारा लॉन्च किए गए नैनो यूरिया प्लस और नैनो डीएपी किसानों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरे हैं। ये उर्वरक न सिर्फ खर्च कम कर रहे हैं, बल्कि फसल की गुणवत्ता और उत्पादन—दोनों में उल्लेखनीय सुधार ला रहे हैं।

 

कंजौसा स्थित IFFDC कृषक सेवा केंद्र पर आयोजित कार्यक्रम में इफको क्षेत्र प्रबंधक शुभम मिश्रा, इफको बाजार उरई से जितेंद्र पटेल व धर्मेंद्र दीपक, महेंद्र सिंह निषाद सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

केंद्र संचालक संतोषी देवी ने बताया कि नैनो यूरिया प्लस (500 मि.ली. ₹225) और नैनो डीएपी (500 मि.ली. ₹600) अत्याधुनिक नैनो तकनीक से तैयार किए गए उर्वरक हैं, जो पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में कई गुना अधिक प्रभावी हैं। कम मात्रा में उपयोग से ही पौधों को आवश्यक पोषण मिल जाता है, जिससे मिट्टी की उर्वरता, पौधों की मजबूती और फसल की बढ़वार में खास सुधार देखने को मिलता है।

 

किसानों ने बताया कि इन नैनो उर्वरकों से फसलें मौसम की मार और कीट प्रकोप का बेहतर सामना करती हैं, जिससे उपज में लगभग 8–15% तक की बढ़ोतरी हो रही है। साथ ही इनके स्प्रे से समय की बचत होती है और मेहनत भी कम लगती है।

उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से होने वाली मिट्टी की क्षति भी नैनो तकनीक के उपयोग से काफी हद तक कम हो रही है।

 

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार नैनो यूरिया और नैनो डीएपी भविष्य की खेती में मील का पत्थर साबित होंगे। ये न केवल पर्यावरण अनुकूल हैं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

 

इफ्को का कहना है कि आने वाले समय में नैनो तकनीक भारतीय कृषि को नए आयाम देगी, जिससे किसान कम लागत में ज्यादा और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त कर सकेंगे।

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