सरकारी योजनाओं से मिला आर्थिक संबल, आटा-दलिया और बेसन का उत्पादन कर स्थानीय बाजारों में बनाई पहचान; इंदौर से ऑनलाइन कारोबार का भी विस्तार
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!देवेन्द्र मेवाड़ा आगर-मालवा, 17 अक्टूबर। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं किस तरह स्वरोजगार को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भरता की राह आसान बना रही हैं, इसकी मिसाल सुसनेर में देखने को मिली है। सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के सहयोग से सुसनेर में माँ पीताम्बरा लघु उद्योग की शुरुआत हुई है। 12 अक्टूबर 2026 को शुरू हुई इस इकाई ने न केवल स्थानीय उत्पादों के निर्माण और विपणन को नई दिशा दी है, बल्कि क्षेत्र के छह लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराया है। सुसनेर निवासी श्रीमती मनोरमा देवी, पति श्री जगदीश पाटीदार द्वारा स्थापित यह उद्योग सरकारी योजनाओं के प्रभावी उपयोग और स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की प्रेरक कहानी बनकर उभरा है। 25 लाख रुपये का ऋण, 10 लाख रुपये का अनुदान माँ पीताम्बरा लघु उद्योग की स्थापना के लिए केंद्र सरकार की PMFME योजना के अंतर्गत भारतीय स्टेट बैंक, शाखा सुसनेर से 25 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया। उद्यानिकी विभाग के माध्यम से परियोजना पर 35 प्रतिशत अर्थात 10 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त कृषि अवसंरचना कोष (AIF) योजना के तहत बैंक ब्याज पर 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ भी मिला। शासकीय योजनाओं से मिली वित्तीय सहायता ने उद्योग की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उद्यम को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक संबल प्रदान किया।
स्थानीय बाजारों से ऑनलाइन कारोबार तक विस्तार
माँ पीताम्बरा लघु उद्योग में वर्तमान में शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण आटा, दलिया, मल्टीग्रेन आटा और बेसन का उत्पादन किया जा रहा है। इन उत्पादों की आपूर्ति सुसनेर, नलखेड़ा, आगर, जीरापुर सहित आसपास के बाजारों में की जा रही है। व्यापार को आधुनिक स्वरूप देते हुए इंदौर में कार्यालय स्थापित किया गया है, जहां से ऑनलाइन माध्यम से उत्पादों का विक्रय किया जा रहा है। उद्योग की आगामी योजना अपने खाद्य उत्पादों को दक्षिण भारत के प्रमुख बाजार बेंगलुरु तक पहुंचाने की है। इससे कारोबार का दायरा बढ़ने के साथ स्थानीय उत्पादों को नए बाजार मिलने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
छह लोगों को मिला रोजगार, आत्मनिर्भरता को बढ़ावा
इस इकाई की स्थापना से क्षेत्र के छह लोगों को स्थायी रोजगार मिला है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में उद्यमिता को भी प्रोत्साहन मिला है। हितग्राही श्री जगदीश पाटीदार ने बताया कि शासकीय अनुदान एवं वित्तीय सहायता के सहयोग से ही माँ पीताम्बरा लघु उद्योग की स्थापना संभव हो सकी। उन्होंने इस सहयोग के लिए उद्यानिकी विभाग, मध्यप्रदेश शासन और भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। सेवा संकल्प अभियान के तहत माँ पीताम्बरा लघु उद्योग की यह पहल दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर स्थानीय स्तर पर उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं, रोजगार के अवसर सृजित किए जा सकते हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाए जा सकते हैं।











