पीड़िता के पुनः मेडिकल और निष्पक्ष जांच की मांग,सीओ स्तर से जांच का आश्वासन।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!संवाददाता अजीत कुमार सिंह
बैरिया (बलिया)। थाना बैरिया में दर्ज अपहरण व दुष्कर्म के एक मामले में पुलिस की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एफआईआर संख्या 0493/2025 में पीड़िता के परिजनों ने विवेचना की निष्पक्षता पर संदेह जताते हुए पुनः मेडिकल परीक्षण और जांच अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। सुरेमनपुर निवासी रीता देवी पत्नी अवधेश राम ने मुख्यमंत्री, महिला आयोग, पुलिस महानिदेशक सहित अन्य उच्चाधिकारियों को शिकायती प्रार्थना-पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि उनकी नाबालिग पुत्री के साथ हुए गंभीर अपराध में पुलिस ने प्रभावशाली आरोपियों के दबाव में निष्पक्षता नहीं बरती।पीड़िता की मां के अनुसार, 7 दिसंबर 2025 को पारिवारिक रिश्तेदारी के कुछ लोग उनकी पुत्री को मेला घुमाने के बहाने घर से ले गए थे, जिसके बाद वह कई दिनों तक घर नहीं लौटी। बार-बार सूचना देने के बावजूद पुलिस ने 19 दिसंबर 2025 को मुकदमा दर्ज किया, जिससे परिजनों में आक्रोश व्याप्त है। आरोप है कि 20 दिसंबर को जब पीड़िता को थाने लाया गया, तो मां को उससे मिलने नहीं दिया गया। पीड़िता पर दबाव बनाकर यह बयान दिलवाया गया कि वह घर से झगड़ा कर स्वयं पटना चली गई थी, जबकि पीड़िता का कहना है कि वह कभी पटना गई ही नहीं। पीड़िता के अनुसार, उसे जबरन बलिया से हैदराबाद ले जाया गया, जहां करीब दस दिनों तक उसके साथ लगातार शारीरिक शोषण किया गया। विरोध करने पर जान से मारने और पूरे परिवार को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी गई। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि थाने और बाद में न्यायालय में भी महिला पुलिसकर्मियों द्वारा उसी बयान पर कायम रहने का दबाव बनाया गया।
मेडिकल जांच को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। परिजनों का कहना है कि पीड़िता का समुचित मेडिकल परीक्षण नहीं कराया गया, बल्कि केवल औपचारिकता निभाकर हस्ताक्षर कराकर भेज दिया गया। पीड़िता की मां ने मांग की है कि मामले की विवेचना किसी अन्य अधिकारी से कराई जाए, पीड़िता का पुनः मेडिकल परीक्षण कराया जाए तथा दोषी पुलिसकर्मियों और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक बलिया ने आश्वासन दिया है कि जांच क्षेत्राधिकारी बैरिया से कराई जाएगी। वहीं क्षेत्राधिकारी बैरिया ने बताया कि प्रकरण की जांच की जा रही है। पीड़िता की मां ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समय रहते निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो वह उच्चाधिकारियों से लेकर न्यायालय तक जाने से पीछे नहीं हटेंगी। मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का माहौल है। सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने भी पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग तेज कर दी है।











