संवाददाता अजीत कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैरिया (बलिया)। विकास खंड बैरिया के कोटवा गांव में बुधवार की सुबह उस समय मातम पसर गया, जब सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवान गोपाल ठाकुर का तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा। जैसे ही शव गांव में पहुंचा, पूरा इलाका ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा, लेकिन जवान की अंतिम झलक पाते ही परिजनों की चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया। कोटवा ग्राम पंचायत निवासी गोपाल ठाकुर (57), पुत्र सत्यनारायण ठाकुर, एसएसबी की 17वीं बटालियन में तैनात थे। उनकी तैनाती पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जनपद अंतर्गत पालाकाटा स्थित बटालियन मुख्यालय में थी। 27 जनवरी की शाम को ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद सहकर्मियों ने उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान तीन फरवरी की तड़के सुबह उनका निधन हो गया। तबीयत खराब होने की सूचना मिलते ही उनका पुत्र और बहन अस्पताल पहुंच गए थे। निधन की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। बुधवार की सुबह जैसे ही जवान का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, पत्नी विमला देवी रोते-रोते बार-बार बेहोश हो जा रही थीं। पुत्र पवन ठाकुर और राजेश ठाकुर सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था।गोपाल ठाकुर अपने पीछे पत्नी, तीन विवाहित पुत्रियां लक्ष्मी, रंजू और अंतिमा और दो पुत्र पवन ठाकुर (23) व राजेश ठाकुर (21) छोड़ गए हैं। दोनों पुत्र गांव में रहकर पुश्तैनी कार्य करते हैं। पचरुखिया घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। एसएसबी के जवानों ने शस्त्र उल्टे कर अपने साथी को अंतिम सलामी दी। मुखाग्नि उनके बड़े पुत्र पवन ठाकुर ने दी। अंतिम संस्कार में गांव व क्षेत्र के सैकड़ों लोग शामिल हुए। अंतिम यात्रा में पूर्व प्रधान विनोद सिंह, समाजसेवी प्रमोद सिंह, सपा के बैरिया अध्यक्ष दशरथ यादव, श्यामू ठाकुर, विनय सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। पूरे गांव में दिनभर शोक का माहौल बना रहा।











