November 2, 2026 10:25 pm

बाढ़ आपदा से निपटने के लिए वर्षा पूर्व सभी तैयारियां पूर्ण करें – कलेक्टर श्रीमती यादव

जिला मुख्यालय पर स्थापित होगा बाढ़ नियंत्रण कक्ष अस्पतालों में एंटी वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश पुल-पुलियाओं एवं रपटों पर लगाए जाए चेतावनी संकेतक बोर्ड -जर्जर भवनों का चिन्हांकन करें कलेक्टर ने आपदा प्रबंधन की बैठक में दिये निर्देश

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पीएनपी न्यूज़  /रिपोर्ट अब्दुल शफीक खान

 

आगर-मालवा, 8 जून। आगामी वर्षाकाल को दृष्टिगत रखते हुए जिले में बाढ़, अतिवृष्टि, आकाशीय बिजली एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभागों को आवश्यक तैयारियां समय रहते पूर्ण करने के निर्देश कलेक्टर प्रीति यादव ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित आपदा प्रबंधन की बैठक में अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने कहा कि आपदा की स्थिति में त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सभी विभाग अपनी कार्ययोजना तैयार रखें तथा आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिला मुख्यालय पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाए तथा आपदा की स्थिति में त्वरित सूचना आदान-प्रदान एवं राहत कार्यों के समन्वय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पूर्व वर्षों में बाढ़ की स्थिति निर्मित हुई है, वहां विशेष सतर्कता बरती जाए। ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में राहत केंद्रों का पूर्व चिन्हांकन कर आवश्यक संसाधन एवं व्यवस्थाएं उपलब्ध रखी जाएं।

होमगार्ड विभाग को निर्देशित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि गोताखोरों का प्रशिक्षण कराया जाए तथा प्रशिक्षित गोताखोरों की सूची सभी अनुविभागीय एवं तहसील कार्यालयों में उपलब्ध कराई जाए। साथ ही बचाव एवं राहत कार्यों के लिए आवश्यक उपकरणों एवं संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए।

कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी शासकीय अस्पतालों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक जीवनरक्षक दवाइयों के साथ सर्पदंश के उपचार हेतु एंटी वेनम की पर्याप्त उपलब्धता हर समय बनी रहे। उन्होंने कहा कि सर्पदंश अथवा अन्य आपातकालीन स्थितियों में प्रभावित व्यक्तियों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

खाद्य विभाग को निर्देशित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि ऐसे दूरस्थ गांव, जिनका अतिवृष्टि के दौरान जिला मुख्यालय अथवा अन्य क्षेत्रों से संपर्क प्रभावित हो सकता है, वहां आवश्यक राशन सामग्री का अग्रिम भंडारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आपदा की स्थिति में नागरिकों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

कलेक्टर ने पुल-पुलियाओं एवं रपटों पर विशेष सावधानी बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी एवं सावधानी संकेतक बोर्ड लगाए जाएं। वर्षा के दौरान जलभराव अथवा पानी का बहाव होने की स्थिति में आवागमन रोकने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाए तथा संबंधित स्थानों पर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पुलिया या रपट पर पानी होने की स्थिति में किसी भी प्रकार का आवागमन न होने दिया जाए।

उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि सभी स्कूल संचालकों, वाहन चालकों एवं परिचालकों को इस संबंध में पाबंद किया जाए कि जलमग्न पुल-पुलियाओं से किसी भी स्थिति में स्कूल वाहनों का संचालन न किया जाए। ऐसी घटना संज्ञान में आने पर संबंधित चालक के साथ-साथ स्कूल संचालक की जिम्मेदारी भी निर्धारित कर कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर ने नगरीय निकायों एवं बड़ी ग्राम पंचायतों में नालों और नालियों की सफाई का कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निचली बस्तियों का चिन्हांकन कर वहां जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। वर्षा के दौरान कहीं भी जलभराव की स्थिति बनने पर नगरीय निकायों का अमला तत्काल मौके पर पहुंचकर जल निकासी की कार्रवाई सुनिश्चित करे।

बैठक में कलेक्टर ने नगरीय क्षेत्रों में जर्जर एवं जीर्ण-शीर्ण भवनों का सर्वे कर उनका चिन्हांकन करने के निर्देश दिए। ऐसे भवनों पर चेतावनी नोटिस लगाए जाएं तथा आवश्यकतानुसार उन्हें ध्वस्त करने की कार्रवाई भी की जाए, ताकि जनहानि की किसी भी संभावना को रोका जा सके। स्कूल शिक्षा विभाग को भी निर्देशित किया गया कि सभी स्कूल भवनों का भौतिक सत्यापन कर जर्जर भवनों की पहचान की जाए तथा किसी भी स्थिति में ऐसे भवनों में विद्यालय संचालन न किया जाए।

आकाशीय बिजली से बचाव के संबंध में कलेक्टर ने कहा कि नागरिकों को व्यापक स्तर पर जागरूक किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों को ‘दामिनी’ मोबाइल एप के उपयोग के प्रति प्रेरित किया जाए, जिससे वज्रपात की संभावित घटनाओं की पूर्व सूचना प्राप्त हो सके और समय रहते आवश्यक सावधानी बरती जा सके।

जल संसाधन विभाग एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि जिले के सभी तालाबों, बांधों एवं जलाशयों का निरीक्षण किया जाए तथा जहां मरम्मत की आवश्यकता हो, वहां तत्काल आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कुंडलिया बांध सहित अन्य बड़े जलाशयों के पूर्ण भराव की स्थिति में पानी छोड़े जाने से पूर्व निचली बस्तियों एवं प्रभावित क्षेत्रों में समय रहते सूचना पहुंचाई जाए तथा नागरिकों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए जागरूक किया जाए।

कलेक्टर ने कहा कि बाढ़ एवं अतिवृष्टि जैसी परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए राजस्व, पंचायत, होमगार्ड, स्वास्थ्य, नगरीय निकाय, जल संसाधन एवं अन्य संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करें।

बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बी.एस. सोलंकी, अपर कलेक्टर आर.पी. वर्मा, एसडीएम आगर मिलिंद ढोके, एसडीएम सुसनेर किरण बरबड़े, एसडीओपी मोतीलाल कुशवाह, डिप्टी कलेक्टर सर्वेश यादव, श्री कमल मंडलोई, प्रेम नारायण परमार, जिला सेनानी होमगार्ड विक्रमसिंह, सहित समस्त जिला अधिकारी, जनपद सीईओ एवं तहसीलदार उपस्थित रहे।

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