पीएनपी न्यूज़ /रिपोर्ट अब्दुल शफीक खान
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आगर मालवा /पुलिस उप महानिरीक्षक उज्जैन रेंज उज्जैन के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक आगर मालवा दिलीप कुमार सोनी के मार्गदर्शन में भारत सरकार द्वारा संचालित “Drug Free India Say No To Drugs” अभियान के अंतर्गत जिला पुलिस आगर मालवा द्वारा एनडीपीएस एक्ट विषयक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय आगर मालवा के सभाकक्ष में किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य मादक पदार्थों से संबंधित अपराधों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई, गुणवत्तापूर्ण विवेचना, सुदृढ़ अभियोजन एवं दोषसिद्धि (Conviction) की दर में वृद्धि सुनिश्चित करना रहा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रविन्द्र कुमार बोयट, एसडीओपी आगर मोतीलाल कुशवाहा, एसडीओपी सुसनेर देवनारायण यादव सहित जिले के लगभग 40 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। एनडीपीएस प्रकरणों में गुणवत्तापूर्ण विवेचना एवं सफल अभियोजन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विशेष रूप से आमंत्रित एडीपीओ जितेन्द्र कुमार शुक्ला द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान एसडीओपी आगर मोतीलाल कुशवाहा द्वारा एनडीपीएस प्रकरणों की विवेचना के व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया। उन्होंने विवेचकों को घटनास्थल निरीक्षण, सूचना प्राप्ति से लेकर तलाशी, जब्ती, नमूना संकलन, सीलिंग, मालखाना जमा, एफएसएल परीक्षण एवं केस डायरी लेखन तक प्रत्येक चरण में बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी। उन्होंने न्यायालय में प्रकरण कमजोर होने के प्रमुख कारणों, विवेचना के दौरान होने वाली सामान्य त्रुटियों, साक्ष्य संकलन में सावधानियों तथा दस्तावेजीकरण की शुद्धता पर विशेष जोर देते हुए बताया कि एनडीपीएस प्रकरणों में प्रत्येक वैधानिक प्रक्रिया का अक्षरशः पालन ही सफल अभियोजन की आधारशिला है।
इसके उपरांत एडीपीओ जितेन्द्र कुमार शुक्ला द्वारा एनडीपीएस एक्ट के कानूनी प्रावधानों पर विस्तृत व्याख्यान दिया गया। उन्होंने अधिनियम की विभिन्न धाराओं, तलाशी एवं जब्ती की वैधानिक प्रक्रिया, आरोपी की गिरफ्तारी, स्वतंत्र गवाहों की भूमिका, अधिनियम की धाराओं के अनुपालन, जब्त मादक पदार्थ के सुरक्षित संरक्षण तथा न्यायालयीन प्रक्रिया के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। साथ ही उन्होंने विभिन्न न्यायालयों के महत्वपूर्ण निर्णयों एवं केस स्टडी के माध्यम से बताया कि विवेचना में वैधानिक प्रावधानों का पालन किस प्रकार दोषसिद्धि की संभावना को मजबूत बनाता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक एनडीपीएस प्रकरण में तकनीकी एवं दस्तावेजी साक्ष्यों को मजबूत करते हुए विवेचना को अधिनियम के अनुरूप संपादित किया जाए, जिससे न्यायालय में अभियोजन पक्ष अधिक प्रभावी रूप से अपना पक्ष रख सके और कन्विक्शन रेट में वृद्धि हो।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रविन्द्र कुमार बोयट द्वारा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जिले में मादक पदार्थों के अवैध व्यापार, परिवहन एवं सेवन के विरुद्ध सतत एवं प्रभावी अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि नशे के विरुद्ध लड़ाई केवल वैधानिक कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज में जागरूकता एवं जनसहभागिता भी आवश्यक है। विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया जाए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों, मादक पदार्थों की पहचान, डिजिटल एवं तकनीकी साक्ष्यों के उपयोग, जब्त सामग्री के सुरक्षित संरक्षण, अभियोजन को सुदृढ़ बनाने हेतु आवश्यक दस्तावेजीकरण तथा न्यायालयीन अपेक्षाओं के संबंध में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।











