जिला ब्यूरो चीफ रितिक कुमार
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उरई (जालौन)
जनपद में बैंकिंग सिस्टम पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। माधौगढ़ क्षेत्र के ग्राम धमना की रहने वाली श्वेता सिंह ने अपने बीमार पिता भगवंत सिंह के नाम पर संचालित केसीसी खाते से 1,68,000 रुपये की कथित धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि यह खेल किसी बाहरी ठग का नहीं, बल्कि बैंक के अंदर बैठे जिम्मेदार लोगों और रिकवरी एजेंट की मिलीभगत से हुआ है।
शिकायत के अनुसार, भगवंत सिंह का पुराना केसीसी खाता एनपीए चल रहा था, जिसे बंद कर नया खाता खुलवाने के नाम पर पूरा षड्यंत्र रचा गया। आरोप है कि इंडियन बैंक माधौगढ़ शाखा के शाखा प्रबंधक नवीन गुप्ता और रिकवरी एजेंट सुनील सिंह (निवासी कुरौती) ने मिलकर फर्जी हस्ताक्षर के जरिए बिना किसी चेक और बिना खाताधारक की मौजूदगी के 1.68 लाख रुपये निकाल लिए।
पीड़िता का दावा है कि उसके पिता ने कभी यह रकम नहीं निकाली और इसका सबसे बड़ा सबूत बैंक की सीसीटीवी फुटेज है। मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता को फोन कर लोन जमा करने के लिए कहा गया। जब उसने सुनील सिंह से बात कर रकम वापस करने को कहा, तो आरोपी ने न केवल गाली-गलौज की बल्कि धमकी देते हुए साफ कह दिया—जो करना है कर लो, पैसा नहीं मिलेगा।
इस पूरे मामले ने बैंकिंग व्यवस्था की पारदर्शिता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर आरोप सही हैं तो यह सिर्फ एक परिवार के साथ धोखाधड़ी नहीं, बल्कि सिस्टम के भीतर बैठे लोगों की संलिप्तता का बड़ा उदाहरण है, जो आम जनता की मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी निभाने में विफल हो रहे हैं।
पीड़िता श्वेता सिंह ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर कूट रचना, धोखाधड़ी और धमकी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि आज हमारे साथ हुआ है, कल किसी और के साथ भी हो सकता है, इसलिए दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कितनी तेजी और निष्पक्षता से कार्रवाई करता है, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।











