रिपोर्टर: विजेन्द्र कुमार मौर्या, राबर्ट्सगंज, सोनभद्र (PNP News)
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सोनभद्र में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है। मारकुंडी ग्राम पंचायत की आठ पात्र युवतियों को अंतिम समय पर योजना से बाहर कर दिए जाने से सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जमकर हंगामा हुआ।
आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने जिलाधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी और खंड विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए न्याय की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि इन आठों युवतियों का चयन पहले ही हो चुका था और 23 मार्च को डायट परिसर में विवाह तय था।
परिजनों के अनुसार, सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अधिकारियों ने समय से पहुंचने के निर्देश दिए थे। इसी आधार पर परिवारों ने हल्दी-मेहंदी जैसे मांगलिक कार्यक्रम भी शुरू कर दिए थे। लेकिन ऐन मौके पर “लक्ष्य पूरा होने” का हवाला देकर नाम काट दिए गए, जिससे गरीब परिवारों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए कहा कि यदि पहले सूचना दी जाती तो वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती थी। ग्राम प्रधान उधम सिंह यादव के नेतृत्व में पहुंचे लोगों ने मांग की कि 26 मार्च को चोपन में प्रस्तावित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में सभी प्रभावित युवतियों को शामिल कर उनका विवाह कराया जाए।
इस मामले पर जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेंद्र भदौरिया ने बताया कि कुल 300 जोड़ों का विवाह होना था, जिसमें सदर ब्लॉक से 75 जोड़ों को शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि केवल उन्हीं लाभार्थियों को शामिल किया गया, जिनके नंबर पर सत्यापन संदेश आया था। हालांकि उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि छूटी हुई युवतियों को चोपन में आयोजित अगले सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल कर लिया जाएगा।











