November 3, 2026 2:33 am

सोनभद्र में ‘हर घर नल’ योजना फेल, फ्लोरोसिस प्रभावित गांवों में पानी की किल्लत

रिपोर्टर: विजेन्द्र कुमार मौर्या, रॉबर्ट्सगंज (सोनभद्र), PNP न्यूज़

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उत्तर  प्रदेश के सोनभद्र जिले में जल जीवन मिशन के तहत चलाई जा रही ‘हर घर नल’ योजना जमीनी स्तर पर पूरी तरह विफल नजर आ रही है। नवसृजित विकास खंड कोन के हर्रा-कदरा ग्राम समूह पेयजल योजना पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कई गांवों में आज तक जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।

कागजों में पूरी, जमीन पर अधूरी योजना

ग्रामीणों का आरोप है कि कार्यदायी संस्था विष्णु प्रकाश आर. पुंगलिया लिमिटेड ने केवल औपचारिकताएं पूरी की हैं। कई स्थानों पर पाइपलाइन मानक के अनुरूप नहीं बिछाई गई और गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। आधार कार्ड के आधार पर कनेक्शन तो दे दिए गए, लेकिन वर्षों बाद भी अधिकांश घरों में पानी नहीं पहुंचा।

फ्लोरोसिस प्रभावित क्षेत्रों में बढ़ी परेशानी

कचनरवा, कुड़वा सहित कई गांव फ्लोरोसिस से प्रभावित हैं। यहां शुद्ध पेयजल की अत्यधिक जरूरत है, लेकिन लोग मजबूरी में नदी, नाले और दूषित जल स्रोतों का पानी पी रहे हैं। स्थानीय समाजसेवियों का कहना है कि इससे गंभीर बीमारियां फैल रही हैं।

सीएम हेल्पलाइन भी बेअसर

ग्रामीणों ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन बिना काम पूरा हुए ही जांच रिपोर्ट लगा दी गई। इससे लोगों में नाराजगी है और प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं।

ट्रांसफार्मर हटाने पर विवाद

कचनरवा स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से 2500 KVA का ट्रांसफार्मर हटाए जाने पर भी ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है। विभाग इसे कम क्षमता का बता रहा है, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि इससे समस्या और बढ़ेगी।

दर्जनों गांवों में ठप जलापूर्ति

चांची खुर्द, नकतवार, मिश्री, खरौंधी, रोरवा, किशुनपुरवा, ललकीदामर, कचनरवा, असनाबांध, बड़ाप, बागेसोती, सिंगा और कुड़वा समेत कई गांवों में जलापूर्ति पूरी तरह बंद है। यहां तक कि प्लांट के पास स्थित गांवों में भी कनेक्शन अधूरे हैं।

‘शोपीस’ बनी पानी की टंकियां

ग्राम प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष लक्ष्मी कुमार जायसवाल ने आरोप लगाया कि जलाशय और टंकियां केवल दिखावे की चीज बनकर रह गई हैं। उन्होंने निर्माण में अनियमितता और धन के दुरुपयोग की जांच की मांग की है।

ग्रामीणों का प्रदर्शन, कार्रवाई की मांग

सोमवार को कुड़वा गांव में समाजसेवी सोमारू यादव के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया और संबंधित संस्था के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।

ठेकेदार का पक्ष

संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर के अनुसार, जल स्रोत (इंटेकवेल) पर पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण आपूर्ति शुरू नहीं हो पा रही है। नया प्रस्ताव उच्च स्तर पर भेजा गया है और स्वीकृति के बाद ही आगे कार्य संभव होगा।

बड़ा सवाल: गर्मी में मिलेगा पानी या नहीं?

गर्मी की शुरुआत के साथ ही सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इन फ्लोरोसिस प्रभावित गांवों को इस बार शुद्ध पेयजल मिल पाएगा या फिर योजना यूं ही अधूरी रह जाएगी। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर जलापूर्ति सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

 

 

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