पत्रकार विजेंद्र कुमार मौर्य
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सोनभद्र। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब जिले के तीनों भाजपा विधायक बैठक से अनुपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता सपा सांसद छोटेलाल खरवार ने की, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जानी थी।
बैठक में घोरावल विधानसभा क्षेत्र के विधायक अनिल कुमार मौर्य, रॉबर्ट्सगंज के विधायक भूपेश चौबे तथा ओबरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव कुमार गोंड मौजूद नहीं रहे। तीनों विधायकों की अनुपस्थिति को लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में सांसद छोटेलाल खरवार ने कहा कि दिशा समिति की बैठक का उद्देश्य जनता से जुड़ी विकास योजनाओं की समीक्षा करना होता है। इसमें केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की जाती है। उन्होंने बताया कि समीक्षा के दौरान कई योजनाओं में कमियां सामने आई हैं, जिन्हें दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों ने समय मांगा है।
भाजपा विधायकों की अनुपस्थिति को लेकर पूछे गए सवाल पर सांसद ने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों के लिए वे हमेशा उपस्थित रहते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के कुछ जनप्रतिनिधियों को जनता, किसान और युवाओं की समस्याओं से कोई खास सरोकार नहीं है।
इधर राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि दिशा समिति की बैठक की अध्यक्षता सांसद करते हैं और इस बार बैठक की अध्यक्षता सपा सांसद के पास थी। ऐसे में भाजपा विधायकों का एक साथ बैठक से दूर रहना स्थानीय राजनीति में बढ़ती खींचतान का संकेत माना जा रहा है।
इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता अब विकास योजनाओं की समीक्षा बैठकों को भी प्रभावित करने लगी है।
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