मनोज कुमार (जहानाबाद )
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!अंचल अधिकारी के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से क्षेत्र के आम लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। दाखिल-खारिज, भूमि विवाद निपटारा, परिमार्जन, लगान रसीद, आवास योजना सत्यापन, जाति-आवासीय प्रमाण पत्र सत्यापन सहित कई जरूरी काम ठप पड़ गए हैं।बिहार में अंचल अधिकारी वर्तमान में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, मुख्य रूप से राज्य सरकार के हालिया कैबिनेट फैसलों के विरोध में यह हड़ताल 2 फरवरी 2026 से शुरू हुई है और राजस्व से जुड़े सभी कार्य ठप हो गए हैं।अंचल अधिकारियों को हड़ताल पर मजबूर करने वाले प्रमुख कारण सरकार के 29 जनवरी 2026 की कैबिनेट बैठक के निर्णय संख्या 23 और 30 हैं।निर्णय 23 में भूमि सुधार उप समाहर्ता के स्थान पर “अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी” का नया पद सृजित किया गया, जिसे अधिकारी बिना सहमति और जमीनी हकीकत समझे लिया गया फैसला मानते हैं। इससे उनके कार्यों में भ्रम बढ़ेगा, भूमिका कमजोर होगी और प्रशासनिक संतुलन बिगड़ेगा।
अंचल कार्यालय में रोजाना दूर-दराज से आने वाले किसान, छात्र और वृद्ध लोग निराश लौट रहे हैं। कई ग्रामीणों ने बताया कि वे पिछले कई दिनों से चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनका काम नहीं हो पा रहा है। भूमि से जुड़े मामलों में देरी के कारण खेती-बाड़ी और सरकारी योजनाओं का लाभ भी प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की मांग की है ताकि आम जनता को राहत मिल सके। समाजसेवियों का कहना है कि सरकार और कर्मचारियों के बीच वार्ता कर जल्द गतिरोध समाप्त किया जाना चाहिए।











