November 2, 2026 9:45 pm

निघासन में 251 कुण्डीय विराट गायत्री महायज्ञ व दीपयज्ञ में उमड़ा जनसैलाब, डॉ. चिन्मय पंड्या जी का प्रेरक उद्बोधन

लखीमपुर-खीरी जनपद के निघासन क्षेत्र में 1 से 5 जनवरी 2026 तक आयोजित 251 कुण्डीय विराट गायत्री महायज्ञ एवं दीपयज्ञ कार्यक्रम आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का भव्य संगम बना। इस विराट आयोजन में आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी (प्रतिनिधि अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार एवं प्रतिकुलपति देव संस्कृति विश्वविद्यालय) का सान्निध्य प्राप्त हुआ डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने अपने प्रेरक उद्बोधन में युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी के संदेशों तथा परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी के त्याग, तप और साधना से प्रेरित युग निर्माण के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाया। उन्होंने अखंड दीपक के शताब्दी वर्ष के महत्व को रेखांकित करते हुए भारत की धर्मशक्ति और नागरिकों की त्यागमयी वृत्ति का उदाहरण प्रस्तुत किया तथा युगऋषि के स्वप्नों को साकार करने के लिए सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया निघासन की आध्यात्मिक भूमि पर आयोजित यह विराट महायज्ञ संस्कार जागरण, सामाजिक समरसता और लोककल्याण की भावना को सशक्त करता दिखाई दिया। विशेष रूप से नेपाल–भारत सीमांत क्षेत्र में आयोजित इस महाआयोजन में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं की दीपयज्ञ में सहभागिता, गायत्री परिवार की युगचेतना के व्यापक विस्तार का सशक्त प्रमाण बनी गौरतलब है कि वर्ष 2026 को परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी एवं अखंड दीपक का शताब्दी वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। यह शताब्दी वर्ष युगऋषि के युग निर्माण मिशन की अखंड साधना, त्याग और सेवा परंपरा का जीवंत प्रतीक है। निघासन में संपन्न यह 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ एवं दीपयज्ञ कार्यक्रम, शताब्दी वर्ष के संकल्पों को जन-जन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम सिद्ध हुआ।

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रिपोर्टर अनिल कुमार निघासन लखीमपुर खीरी

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