चीफ ब्यूरो दीपक तिवारी
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!धारूहेड़ा – धारूहेड़ा शहर के वार्ड नंबर 16 की संतोष कॉलोनी में किराए पर रहने वाले एक परिवार इकलौता संतान नाबालिक ने बुधवार की सुबह फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के वक्त पिता फैक्ट्री में ड्यूटी पर और मैन बाजार से सामान लाने के लिए गई हुई थी। मां जब बाजार से वापस आई तो कमरे की कुंडी अंदर से बंद मिली। मां ने खिड़की से देखा तो बेटा पंखे के हुक पर फंदा लगाया हुआ है। सूचना के बाद मौके पर धारुहेड़ा थाना थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दरअसल मूल रूप से रेवाड़ी के गांव गोकलगढ़ के रहने वाले विनोद कुमार 4 साल से धारूहेड़ा के संतोष कॉलोनी में किराए के मकान पर रहते थे। सुबह विनोद भिवाड़ी स्थित एक फैक्ट्री में ड्यूटी पर चला गया। घर पर उसका 17 वर्षीय बेटा भुनेश और उसकी मां करीब साढ़े नौ बजे भुनेश की मां बाजार से सामान लेने चली गई थी। किसी बीच भुनेश कमरे में पंखे के हक पर फंदा लगाया काफी देर के बाद मां जब बाजार से वापस आई तो भुनेश पंखे पर लटका हुआ मिला। धारूहेड़ा पुलिस सूचना पाकर मौके पर शव को नीचे उतारा और पिता को सूचना मिली तो कंपनी से वापस आया। पिता विनोद कुमार ने पुलिस को बताया कि उसके बेटे ने चार वर्ष पहले नोबिता पढ़ाई करने के बाद स्कूल छोड़ दिया था। वह लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान रहता था। भुवनेश उसका इकलौती संतान था। धारूहेड़ा थाना पुलिस ने पिता के बयान पर समान कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम करने के बाद स्वजन को सौंप दिया।











