जहानाबाद (मनोज कुमार )
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!लगभग पच्चीस वर्षों से अपने मायके में गुजर बसर कर रही महिला का निधन बीमारी के कारण मेदांता अस्पताल पटना में होने के बाद ससुराल वालों ने उनकी मृत्यु को संदेहास्पद करार दिया। तथा इस मामले को लेकर ससुराल वालों ने मायके वाले रिश्तेदारों को आरोपित करते हुए मामला दर्ज करने हेतु मकदुमपुर थाना में आवेदन दिया है। दरअसल यह मामला है मकदुमपुर थाना के लडौआ गांव के अस्सी वर्षीय वृद्ध विधवा एवं निसंतान महिला मुन्ना देवी का।जो पति के असामयिक निधन के बाद अपने मायके छोटिया में रह रहे थे। अचानक विगत अठाईस नवम्बर को तबियत खराब होने पर पहले परिजनों द्वारा खिजरसराय ले जाया गया जहां से इलाज के लिए अर्श अस्पताल गया भेजा गया। लेकिन स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें पटना के लिए रेफर कर दिया गया।मायके वालों ने पटना मेदांता हॉस्पिटल में एडमिट कराया ज़हां इलाज के दौरान तीस नबम्वर को रात लगभग साढ़े आठ बजे निधन हो गया।वापस छोटिया में लाया गया तथा इनके ससुराल लडौआ में भतीजे को जानकारी दी गई।सनातन धर्म का हवाला देकर बताया गया कि मृतक का श्राद्ध कर्म मायके में न होकर ससुराल में ही होना चाहिए। सूचना मिलने पर लडौआ से लोग आकर मृतक के शव को वाहन से ले गये। छोटिया निवासी तथा रिश्ते में भतीजा भोला शर्मा ने बताया कि वे जाकर फर्जी तरीके से हमलोगों को कानूनी दायरे में लाने के लिए मृत शरीर को घायल कर मकदुमपुर थाना में मायके वालों को आरोपित करते हुये आवेदन दिया गया। हालांकि पुलिस द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। हालांकि मायके वालों ने इन आरोपों के पीछे संपत्ति विवाद बताया है। उन्होंने बताया कि मृतिका के विधवा होने के बाद इनके हिस्से के जमीन को लोगों ने फर्जी तरीके से अपने नाम करा लिया था।बाद में मायके वालों ने न्यायालय में मामले को लाया तथा कोर्ट से फैसला उनके पक्ष में आ गया। तथा बाद में मृतक द्वारा अपने हिस्से के कुछ जमीन को बेचा भी गया।
हालांकि घटना को लेकर मायके वालों ने बताया कि मेदांता अस्पताल से मृत्यु के कारणों का रिपोर्ट मिला है जिससे उनके मृत्यु को जो संदेहास्पद बताया गया है वह स्पष्ट हो जाएगा।











