मनोज कुमार (जहानाबाद )
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!हुलासगंज। संविधान दिवस के पावन अवसर पर श्री स्वामी परांकुशाचार्य आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, हुलासगंज में *‘भाषण प्रतियोगिता’* का भव्य आयोजन किया गया। महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए संविधान के महत्व, अधिकारों और कर्तव्यों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम का शुभारम्भ केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलगीतम के सामूहिक गान से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को गरिमामय बना दिया। तत्पश्चात महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य ने संविधान दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि *संविधान केवल एक कानूनों का दस्तावेज नहीं बल्कि भारत की आत्मा है, जो प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार, स्वतंत्रता और न्याय की गारंटी देता है। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे संविधान में निहित मूल्यों—समानता, सहिष्णुता और न्याय—को अपने जीवन में आत्मसात करें और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाएँ।*
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रख्यात शिक्षाविद एवं व्याकरणाचार्य **डॉ. रामानन्द शर्मा** ने अपने प्रेरक वक्तव्य में संविधान की महत्ता पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। उन्होंने कहा कि *भारतीय संविधान विश्व के श्रेष्ठतम संविधानों में से एक है, जिसने विविधताओं से भरे इस विशाल देश को एक सूत्र में बाँधा है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि लोकतंत्र की रक्षा तभी संभव है जब नागरिक अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहें।*
अंग्रेजी विभाग के प्राध्यापक **डॉ. सच्चिदानन्द** ने संविधान रचनाकार *डॉ. भीमराव अम्बेडकर* की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि *अम्बेडकर जी का जीवन संघर्ष, परिश्रम और ज्ञान का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने समाज को समता और न्याय का संदेश दिया, जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है। विद्यार्थियों को उनके दिखाए पथ पर चलकर समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।*
भाषण प्रतियोगिता में अनेक छात्र-छात्राओं ने प्रभावशाली प्रस्तुति दी। इस प्रतियोगिता में अंजलि कुमारी ने प्रथम स्थान, *दिव्यांशी शर्मा ने द्वितीय स्थान तथा बिट्टू कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त कर महाविद्यालय का गौरव बढ़ाया। मुख्य अतिथि डॉ. रामानन्द शर्मा ने प्रतिभागियों को सराहते हुए बेहतर प्रदर्शन हेतु महत्वपूर्ण सुझाव भी प्रदान किए।
कार्यक्रम का सफल संचालन पुस्तकालय सहायक श्री मुचकुन्द तिवारी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन ज्योतिष आचार्य डॉ. लक्ष्मण शर्मा द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का समापन *वन्दे मातरम्* के साथ हुआ, जिसके उपरांत सभी छात्र-छात्राओं ने महाविद्यालय परिसर में अल्पाहार ग्रहण किया।
इस आयोजन में शिक्षकेतर कर्मचारी धनंजय शर्मा पिंटू कुमार एवं वेंकटेश पाठकका विशेष सहयोग सराहनीय रहा। कार्यक्रम ने छात्रों में संविधान के प्रति जागरूकता और देशभक्ति की भावना को और प्रबल किया।











