रेवाड़ी, 16 नवंबर ब्यूरो चीफ दीपक तिवारी
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!धन-धन श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में फरीदाबाद से चली हिंद की चादर तीसरी शहीदी यात्रा का रविवार को रेवाड़ी जिला में आगमन पर श्रद्धापूर्वक स्वागत किया गया। शहीदी यात्रा के साथ शहर भर में नगर कीर्तन निकाला गया और विभिन्न स्थानों पर संगत ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का अभिनंदन किया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। शहर में धार्मिक माहौल बना रहा और वाहे गुरु जी का खालसा, वाहे गुरु जी की फतेह के जयकारों से पीतल नगरी गुंजायमान रही।नगर कीर्तन का शहर में मुख्य स्थलों पर भव्य स्वागत।गुरुग्राम से रेवाड़ी जिला की सीमा में शहीदी यात्रा का आगमन हुआ। जहां से रेवाड़ी जिला के गुरुद्वारा प्रबंधन समिति सदस्यों द्वारा यात्रा का स्वागत किया। पंज प्यारों की अगुवाई में यात्रा का रेवाड़ी शहर के दिल्ली रोड उत्तम नगर स्थित गुरुद्वारा में सबसे पहले आगमन हुआ।हमारी महान विभूतियों के त्याग व समर्पण का संदेश आमजन तक पहुंचाने में प्रभावी रूप से अपना दायित्व निभा रही हैं। श्री गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान की गौरवमयी गाथा का ज्ञान हर आमजन मानस तक पहुंचाने के लिए शहीदी यात्रा युवा शक्ति को सार्थक संदेश देने में सशक्त माध्यम बन रही है। उन्होंने यात्रा के साथ चल रही संगत को प्रसाद वितरित भी किया।
गुरुद्वारा संत कुटिया से यात्रा जलपान ग्रहण करने के बाद धारूहेड़ा चुंगी होते हुए बस स्टैंड रोड से अग्रसेन चौक पर पहुंची। अग्रसेन चौक पर गतका पार्टी द्वारा हैरतअंगेज करतब दिखाए गए। अग्रसेन चौक से नगर कीर्तन के साथ शहीदी यात्रा भाड़ावास गेट से पुरानी सब्जी मंडी, घंटेश्वर मंदिर, गोकल गेट, रेलवे स्टेशन चौक से रेलवे रोड स्थित सिंह सभा गुरुद्वारा पहुंची। सिख समाज की ओर से जगह-जगह जलपान और प्रसाद की व्यवस्था की गई। सिंह सभा गुरुद्वारा में लंगर की व्यवस्था की गई। इसके बाद गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में निकाली गई यात्रा नाईवाली चौक से नारनौल के लिए प्रस्थान कर गई। नगर कीर्तन यात्रा के मार्ग पर भव्य स्वागत गेट लगाए गए थे। शहर में स्वागत गेट से यात्रा की शोभा और शहर जगमग दिखाई दिया।
वहीं यात्रा के आगमन पर शहरवासी अपार श्रद्धाभाव से श्री गुरु ग्रंथ साहिब के दर्शनार्थ पहुंचे। जिला के गांव से होते हुए संगत द्वारा पुष्प वर्षा से जोरदार स्वागत किया गया। सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग की ओर से यात्रा में एलईडी वैन के माध्यम से सरकार द्वारा संत महापुरुषों के जीवन वृतांत को भी दिखाया जा रहा है।
यात्रा की अगुवाई कर रहे गुरुद्वारा सिख प्रबंधन कमेटी के सदस्य तेजेंद्र पाल सिंह ने बताया कि गुरु तेग बहादुर जी के जीवन, शिक्षाओं और सर्वोच्च बलिदान को दर्शाती यह शहीदी यात्रा शहर के लिए आस्था का प्रतीक रही है। श्री गुरु तेग बहादुर जी ने धर्म और देश की रक्षा हेतु सर्वोच्च बलिदान दिया। नगर कीर्तन यात्रा, गुरु जी के तप, त्याग, विचार और धर्म रक्षा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। यह ऐतिहासिक यात्रा 24 नवंबर को कुरुक्षेत्र पहुंचेगी, जहां 25 नवंबर को राज्य स्तरीय भव्य समापन समारोह का आयोजन किया जाएगा।पुलिस-प्रशासन का नजर आया बेहतरीन व्यवस्था प्रबंधन :रेवाड़ी जिला में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में निकली हिंद की चादर शहीदी यात्रा के आगमन से रवानगी तक पुलिस प्रशासन की ओर से बेहतरीन व्यवस्था प्रबंधन किया गया। डीसी अभिषेक मीणा व एसपी हमेंद्र कुमार मीणा के मार्गदर्शन में एसडीएम सुरेश कुमार प्रशासनिक व्यवस्था के साथ तथा डीएसपी पवन कुमार व डीएसपी डा.रविंद्र पुलिस प्रशासन की ओर से यातायात व्यवस्था बनाए रखने सहित सुरक्षात्मक पहलू से सजग नजर आए। इस अवसर पर संत कुटीर गुरुद्वारा के संत जगदेव सिंह तलवंडी, सरदार कृपाल सिंह, सरदार स्वर्ण सिंह सहित काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।











