तहसील संवाददाता अजीत कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैरिया (बलिया)। बैरिया ब्लॉक के मानगढ़ पंचायत सचिवालय में लापरवाही और अनियमितता के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में सरकारी योजनाएं केवल कागजों पर ही चलाई जा रही हैं, जबकि धरातल पर कुछ नजर नहीं आता। सरकार की मंशा के अनुसार पंचायत भवनों में सहायक ऑपरेटर की नियुक्ति इसलिए की गई है ताकि ग्रामीणों को गांव में ही जाति, निवास और आय प्रमाणपत्र जैसी सेवाएं मिल सकें। लेकिन मानगढ़ पंचायत में स्थिति इसके बिल्कुल उलट है। यहां सहायक ऑपरेटर की जगह सफाईकर्मी ही रोजाना भवन खोलता है और वहीं चौकीदारी करता है, जबकि कंप्यूटर पर हमेशा चादर ढकी रहती है। पंचायत भवन पर तैनात सफाईकर्मी राकेश वर्मा ने बताया कि पंचायत सहायक ऋतु यादव की यहां नियुक्ति है, लेकिन वह लखनऊ या प्रयागराज में पढ़ाई कर रही हैं और शायद ही कभी पंचायत भवन आती हों। ग्राम प्रधान राजकुमार यादव उर्फ बच्चा यादव के भाई राजू यादव गांव से लोगों के कागजात इकट्ठा कर सचिव को सौंप देते हैं, जो कभी-कभी ऑनलाइन कार्य करवाते हैं।
ग्रामीण उमेश साहनी ने बताया कि मनरेगा और वित्तीय राज योजनाओं के तहत कोई काम धरातल पर नहीं हुआ है। उनके अनुसार, प्रधान, सचिव और रोजगार सेवक मिलकर सरकारी धन का बंदरबांट कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की शिकायत तत्कालीन जिलाधिकारी से भी की गई थी, परंतु अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी बैरिया आदित्य सिंह ने बताया कि “ग्राम सचिव अखिलेश कुमार को निर्देशित किया गया है कि पंचायत सहायक ऋतु यादव को तत्काल नोटिस जारी करें। जो व्यक्ति बाहर पढ़ाई कर रहा है, वह पंचायत का कार्य कैसे करेगा इस पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।”
ग्रामीणों ने मांग की है कि मानगढ़ पंचायत के सभी विकास कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।











