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PNP न्यूज़ रेवाड़ी, 11 नवंबर ब्यूरो चीफ दीपक तिवारी
बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती क्षेत्र में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के तीसरे चरण को दिल्ली और एनसीआर सहित जिले में भी लागू किया गया है। यह कदम वायु गुणवत्ता को सुधारने और प्रदूषण के दुष्प्रभावों को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर निर्धारित मानकों से अधिक होने से ग्रैप- तीन की पाबंदी लागू हो गई हैं, जिसके लिए हमें प्रदूषण नियंत्रण उपायों को पूरी गंभीरता से अपनाना होगा। उन्होंने बताया कि वायु प्रदूषण हम सबके लिए चिंता का विषय है, जिसका हमारे स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है। वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर ग्रैप नियमों की सख्ती से पालन करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती क्षेत्र वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की ओर से रेवाड़ी सहित एनसीआर क्षेत्र में लागू किए गए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) थ्री के तहत संबंधित विभागों को जरूरी दिशा निर्देश दिए गए हैं। डीसी ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, शहरी निकायों, एचएसआईआईडीसी सहित अन्य संबंधित विभागाध्यक्षों को कड़े निर्देश दिए कि वे जिला में बढ़ते प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाएं। सभी विभाग जिला में एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी वायु गुणवत्ता सूचकांक को नियंत्रित रखने लिए जमीनी स्तर पर मिलकर काम करें।इन पर रहेगी सख्त पाबंदियां ग्रेप के तीसरे चरण के तहत सडक़ों की मशीनों और वैक्यूम आधारित सफाई, रोजाना पानी का छिडक़ाव और धूल नियंत्रण सामग्री का प्रयोग करने के साथ-साथ एकत्रित धूल को निर्धारित स्थलों पर निस्तारित करने के लिए कहा गया हैं। निर्माण कार्यों में केवल गैर-प्रदूषणकारी गतिविधियां जैसे प्लंबिंग, इलेक्ट्रिकल, कारपेंट्री और इंटीरियर फिनिशिंग की अनुमति दी गई है, जबकि स्टोन क्रेशर और माइनिंग गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा बीएस- III पेट्रोल और बीएस- IV डीजल वाहनों के संचालन पर गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर और दिल्ली में रोक लगाई गई है।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए नागरिकों से सहयोग की अपील
डीसी मीणा ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान को सफल बनाने में भागीदार बनें और सिटीजन चार्टर का पालन करें। लोग छोटी दूरी के लिए पैदल चलने या साइकिल का उपयोग करने, यात्रा के दौरान कार शेयरिंग या सार्वजनिक परिवहन अपनाने और जहां संभव हो वर्क फ्रॉम होम की सुविधा लेने को प्राथमिकता दें। नागरिकों को कोयला या लकड़ी से हीटिंग करने से बचना चाहिए। डीसी ने कहा कि हमारी छोटी-छोटी सावधानियां और सामूहिक जिम्मेदारी ही एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सुधारने की दिशा में बड़ा परिवर्तन ला सकती हैं।











