November 2, 2026 9:33 pm

स्वस्थ्य लोकतांत्रिक व्यवस्था का परिचायक है मतदान प्रतिशत का बढ़ना 

मनोज कुमार (जहानाबाद )

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बिहार विधानसभा के प्रथम चरण में हुए मतदान में मतदान प्रतिशत की बढ़ोतरी लोकतंत्र के लिए एक सुखद पहलू है अमूमन ऐसा देखा जा रहा था कि विगत चुनाव में मतदान प्रतिशत 50 फ़ीसदी से भी कम हो रहा था जो कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए सोचनीय था। लेकिन प्रथम चरण में हुए मतदान में लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कहीं-कहीं 60% से भी अधिक मतदान की खबर है।मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी का औचित्य कई पहलुओं में है:। स्थानीय युवाओं एवं अन्य लोगों ने भी इस संबंध में बताया कि इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था ज़हां मजबूत होती है वहीं सरकार की वैधता बढ़ती है। क्योंकि अधिक मतदान से चुनाव परिणाम पूरी आबादी की इच्छा का बेहतर प्रतिनिधित्व करते हैं, जिससे निर्वाचित प्रतिनिधियों को शासन का मजबूत जनादेश मिलता है।जवाबदेही बढ़ती है; जब अधिक लोग मतदान करते हैं, तो राजनेताओं को मतदाताओं की जरूरतों के प्रति अधिक जिम्मेदार होना पड़ता है।राजनीतिक स्थिरता आती है क्योंकि उच्च मतदान से विवादास्पद चुनावों की संभावना कम होती है और सरकार की वैधता को चुनौती देने की संभावना घटती है।नीतियों में व्यापक सहमति और विविधता आती है, जिससे अधिक समावेशी और विविध सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के लोगों के हितों को ध्यान में रखा जाता है।नागरिक संलग्नता और जिम्मेदारी की भावना बढ़ती है, जो समाज में लोकतांत्रिक भागीदारी को मजबूत करती है।सूचित निर्णय और बहस को प्रोत्साहन मिलता है, जिससे मतदाता बेहतर निर्णय ले पाते हैं।चरमपंथ का प्रभाव कम होता है और राजनीतिक माहौल नरमपंथी होता है।भारत में मतदान बढ़ाने के लिए मतदाता शिक्षा, मतदान सुविधा में सुधार, मतदाता सूची का सटीक रखरखाव, और दूरस्थ मतदान जैसे कदम उठाए जाते हैं। इसके अलावा, “वन नेशन, वन इलेक्शन” जैसी व्यवस्थाएं भी मतदान उत्साह बढ़ाने में सहायक साबित हो सकती है। इससे मतदान प्रतिशत में वृद्धि होती है जो लोकतंत्र की गुणवत्ता को बेहतर बनाती है और शासन में जनता की भागीदारी को सुदृढ़ करती है। ये लाभ चुनाव प्रक्रिया और राष्ट्रीय राजनीति दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

लोगों ने बताया कि मतदान केंद्र पर जो सुविधाएं बढ़ाई जा रही है उसका असर भी मतदान प्रतिशत बढ़ाने में देखा जा रहा है। मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए सरकार के द्वारा रैंप  बिजली शौचालय पेयजल आदि की व्यवस्था जो की गई है उसका लाभ मिल रहा है। वहीं लोगों ने बताया कि मतदान प्रतिशत बढ़ाने में सबसे अचूक शास्त्र मतदान केंद्र पर शांति व्यवस्था है ।अगर पुलिस बल की प्रति नियुक्ति नहीं हो पाती है तो लड़ाई झगड़े की संभावना बनी रहती है जिसके कारण अधिकांश लोग मतदान केंद्र पर जाना नहीं चाहते।

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