Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
रेवाड़ी, 8 अक्टूबर चीफ ब्यूरो दीपक तिवारी
हरियाणा मानवाधिकार आयोग (एचएचआरसी) के चेयरपर्सन जस्टिस ललित बत्रा ने मॉडल टाउन स्थित होम फॉर एज्ड एंड डेस्टिट्यूट (वृद्धाश्रम) का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों की जीवनशैली, स्वास्थ्य सेवाएं, भोजन, साफ-सफाई और अन्य जरूरी सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। वहीं 15 बुजुर्गों (11 पुरुष और 4 महिलाएं) से बातचीत कर उनका कुशलक्षेम भी जाना।
चेयरपर्सन बत्रा ने वृद्धाश्रम भवन का जायजा लेते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को भवन में मरम्मत कार्य करवाकर दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इसके अलावा भवन परिसर में बनाए गए पार्क का सौंदर्यकरण करवाने के लिए जिला नगर आयुक्त को आदेश देते हुए कार्रवाई जल्द अमल में लाने की बात कही। इस अवसर पर जिला समाज कल्याण अधिकारी को सुरक्षाकर्मी, सफाई कर्मी और पर्याप्त संख्या में अन्य स्टाफ सदस्य रखने को लेकर दिशा-निर्देश भी दिए।
जस्टिस बत्रा ने कहा कि वृद्ध व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से तो कमजोर होता ही है तथा उसकी सबसे बड़ी पीड़ा उसका अकेलापन होता है, इसलिए वृद्धजनों को समाज से अलग थलग न करें बल्कि उनको समाज का हिस्सा माने तथा उनको अहसास दिलाएं कि हम सब उनके साथ है वो अकेले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने बुजुर्गों का सत्कार व उनकी संभाल करनी चाहिए, ताकि बुजुर्गों को जिंदगी के आखिरी पड़ाव में परिवार का सहारा मिल सके। माता-पिता और बुजुर्गो की सेवा को उत्तम माना गया है। यदि किसी कारणवश वृद्ध आश्रम में बुजुर्ग रहने को मजबूर हैं तो उनकी वहां पर संभाल के लिए भी हम सभी को आगे आना चाहिए।
निरीक्षण से पहले आयोग के ललित बत्रा ने डीसी अभिषेक मीणा व एसपी हेमेंद्र मीणा सहित संबंधित अधिकारियों के साथ लोक निर्माण विश्राम गृह में बैठक कर जिले में स्थापित वृद्धाश्रम की व्यवस्थाओं को लेकर दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर कंज्यूमर कोर्ट चेयरमेन एस.के. खंडूजा, जिला नगर आयुक्त ब्रह्म प्रकाश, एसडीएम सुरेश कुमार, डीएसपी रविन्द्र, सिविल सर्जन डा. नरेंद्र दहिया व जिला समाज कल्याण अधिकारी रेनू बाला आदि मौजूद रहे।
वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों को मिले बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं: चेयरपर्सन
जस्टिस ललित बत्रा ने वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों के स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं को लेकर सिविल सर्जन को निर्देश देते हुए कहा कि वृद्धाश्रम में सप्ताह में एक बार चिकित्सक बुजुर्गों के स्वास्थ्य की जांच करने जरूर आए। इसके अलावा समय-समय पर विशेषज्ञ चिकित्सक भी आश्रम में आकर बुजुर्गों की जांच कर उचित परामर्श व दवाइयां उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा रोस्टर बनाकर चिकित्सकों को जिम्मेदारी सौंपी जाए। इसके अलावा जरूरत के समय एंबुलेंस की व्यवस्था भी समय पर उपलब्ध करवाना सुनिश्चित किया जाए।











