November 2, 2026 9:46 pm

लाल मनीराम बाग में श्री रामलीला का भव्य मंचन प्रारंभ,  नगर पालिका उपाध्यक्ष अजय जांगड़ा ने रिबन काटकर किया शुभारंभ  पहले दिन नारद ने मोह से मुक्ति प्राप्त की 

 

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रेवाड़ी, 21 सितंबर जिला रिपोर्टर दीपक तिवारी

 

धारूहेड़ा। शहर के लालमन रामबाग परिसर में आयोजित की जा रही 73वीं श्री रामलीला का भव्य मंचन शुक्रवार से प्रारंभ हो गया। श्री राम रामलीला क्लब द्वारा आयोजित की जा रही इस रामलीला का शुभारंभ धारूहेड़ा नगर पालिका के उप प्रधान अजय जांगड़ा ने रिबन काटकर किया। मुख्य अतिथि के रूप में अजय जांगड़ा ने सभी नगर वासियों को भगवान श्री राम के चरित्र से प्रेरित होकर उनके गुना को जीवन में धारण करने का संकल्प लेने के लिए कहा। इस अवसर पर श्री राम रामलीला क्लब के प्रधान दिलीप सिकरवाल, उप प्रधान मुकेश चाँगा, सचिव रमेश सिकरवाल और कोषाध्यक्ष राजकुमार शर्मा ने मुख्य अतिथि अजय जांगड़ा को गदा भेंट कर उनका स्वागत और अभिनंदन किया।

श्री राम राम लीला के भव्य मंचन के शुभारंभ अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंडल अध्यक्ष रामनिवास सुखरालिया, समाजसेवी प्रीतम अग्रवाल, कृष्ण स्वामी, मोदी प्रधान, धर्मपाल श्योरान उपस्थित रहे। सभी विशिष्ट अतिथियों ने श्री राम राम लीला क्लब को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। क्लब के निदेशक श्री रतन चंद सैनी ने सभी का आभार प्रकट किया।

प्रथम दिवस श्री रामलीला मंचन के अवसर पर नारद मोह का मंचन किया गया। देवर्षि नारद के मन में मोह का अंकुर पैदा हो जाने पर भगवान विष्णु एक नया नगर बस आते हैं और राजा शील निधि को उस नगर का राजा बनाते हैं। साथी उनकी पुत्री विश्व मोहिनी का स्वयंवर रचाते हैं। विश्व मोहिनी को देखकर नारद जी के मन में विवाह करने की उत्सुकता उत्पन्न हो जाती है और वे भगवान विष्णु से स्वयंवर के लिए उनका हरि रूप मांगते हैं लेकिन भगवान विष्णु नारद जी के मुंह को समाप्त करने के लिए उन्हें हरी रूप वानर का स्वरूप प्रदान करते हैं ऐसे में स्वयंवर में अपमान होने के कारण नारद को क्रोध आ जाता है और वह भगवान विष्णु को श्राप देते हैं कि उन्हें मृत्यु लोक में आवश्यकता के समय वानरों की सहायता ही लेनी पड़ेगी और पत्नी वियोग में तड़पना पड़ेगा। नारद की भूमिका डॉक्टर अश्विनी जोशी ने निभाई। साथ ही राजा इंद्र की भूमिका में रणवीर प्रजापत, परियों की भूमिका में प्रकाश प्रजापत लीलाधर सेन, अरुण सेन, राजा शील निधि की भूमिका में शेर सिंह प्रजापत मंत्री सुभाष जांगड़ा राहुल जोशी ब्रह्मा की भूमिका में डॉक्टर सुभाष अग्रवाल विष्णु लक्ष्मण प्रजापत और शंकर की भूमिका में लीलाधर सेन रहे।

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