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रेवाड़ी 19 अगस्त जिला रिपोर्टर दीपक तिवारी
जिला उपभोक्ता आयोग ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में एमजी हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पर आवेदक को फ्लैट समय पर न देने के कारण दो लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा कंपनी को फ्लैट बुक करने के लिए दी गई कुल राशि 14 लाख 98642 रुपए भी वापस करनी होगी।
अलवर बाईपास के पास रहने वाले राममूर्ति यादव ने धारूहेड़ा स्थित आनंदम आवास प्रोजेक्ट के तहत धारूहेड़ा के सेक्टर 19 में एक फ्लैट जी 26 एमजी, हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड से बुक कराया था। इसके लिए उन्हें 3 मई 2018 को अलॉटमेंट लेटर कंपनी की तरफ से दिया गया था। इस फ्लैट के लिए शिकायतकर्ता राममूर्ति यादव ने 14 लाख 98642 रुपए कंपनी को अदा किए थे। इतना ही नहीं उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक से उक्त फ्लैट लेने के लिए 28 लाख₹329 रुपया भी फाइनेंस कराया था, और यह राशि कंपनी को अदा की थी, लेकिन कंपनी ने मात्र 9 लाख 11494 ही शिकायतकर्ता को वापस दिए थे। क्योंकि आवास प्रोजेक्ट के तहत कोई भी फ्लैट बन नहीं पाया था।
कंपनी ने अपनी विवशता जाहिर करते हुए बताया कि कंपनी शिकायतकर्ता को यह विकल्प देती है, कि वह अपना पैसा ब्याज सहित वापस ले सकता है। इस पर शिकायतकर्ता ने 10% ब्याज सहित अपनी दी गई राशि कंपनी से वापस मांगी तो कंपनी ने 11लाख61723 रूपए शिकायतकर्ता को अदा नहीं किया, जिसके बाद शिकायतकर्ता ने अपने अधिवक्ता अश्वनी तिवारी एडवोकेट के माध्यम से जिला उपभोक्ता आयोग में 29 मई 2024 को शिकायत दायर की। शिकायत दायर करने के बाद कंपनी की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता ने कहा कि वह कंपनी पैसे देने की स्थिति में नहीं है। इसलिए उसका रिफंड 193621 रुपए के हिसाब से किस्तों में ले लिया जाए।
इस पर जिला उपभोक्ता आयोग ने अपना निर्णय सुनाते हुए कहा कि शिकायतकर्ता की ओर से यह राशि एक साथ पूरा भुगतान अलॉटमेंट के समय किया गया था। लिहाजा कंपनी का यह कहना की किस्तों में राशि अदा की जाएगी कतई गलत है और अपने आदेश में जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार खंडूजा एवं राजेंद्र प्रसाद ने शिकायतकर्ता को 11 लाख 61723 राशि पर 12% ब्याज सहित वापस लौटने और मानसिक तथा शारीरिक हर्जाना के तौर पर दो लाख रुपए व वाद खर्च मे 21000 रूपए 30 दिन के अंदर कंपनी को शिकायतकर्ता से अदा करने के आदेश जारी किए हैं।











