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रेवाड़ी, 18अगस्त जिला रिपोर्टर दीपक तिवारी
दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में ‘योगियों का जीवन परिचय’ पुस्तक के अंग्रेजी संस्करण बायोग्राफी ऑफ योगीज का भव्य रूप में विमोचन हुआ। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से योग आचार्यों, योग गुरुओं, योग शिक्षकों, विद्यार्थियों व प्रसिद्ध योग नैचुरोपैथी विशेषज्ञों ने शिरकत की। इस पुस्तक के लेखक प्रसिद्ध योगगुरु डॉ. सोमवीर आर्य व डॉ. धर्मवीर यादव हैं।
सूरीनाम देश में बतौर भारतीय संस्कृति के निदेशक के रूप में कार्यरत डॉ. आर्य ने बताया कि वो स्वयं एक साल बाद पुस्तक विमोचन के लिए भारत आए हैं। मेरे सहयोगी डॉ धर्मवीर यादव ने इस कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की।वहीं डॉ. सोमवीर आर्य ने बताया कि योगियों का जीवन परिचय पुस्तक जो हिंदी भाषा में उपलब्ध थी, कॉलेज विश्विद्यालयों के योग विद्यार्थियों के अलावा अन्य विषय के विद्यार्थियों को भी पढ़ाई जाती थी। आज इस पुस्तक के भी चतुर्थ संस्करण का विमोचन किया गया है। बहुत समय से देश विदेश में इस पुस्तक की अन्य भाषाओं में मांग होने लगी थी। इसलिए लेखकों ने अथक पुरुषार्थ से इस पुस्तक को बहुत कम समय में बायोग्राफी ऑफ योगीज नाम से अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध करवाया। अंग्रेजी भाषा के अलावा देश विदेश की अन्य भाषाओं में भी इस पुस्तक का अनुवाद चल रहा है।
राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने दोनों लेखाओं को शुभकामनाएं दी और बताया कि ऐसे आदर्श योगियों के जीवन से हम सब को प्रेरणा लेनी चाहिए। देश के सभी संस्थानों में ऐसे आदर्श योगियों के जीवन परिचय को अवश्य पढ़ाना चाहिए। ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने संस्कारों और परंपरा के साथ जुड़कर योग को अपने जीवन का हिस्सा बना सके।
आचार्य योगेंद्र, डॉ भँवर, डॉ विजेता आर्य, डॉ रमेश, आचार्य प्रशांत ने लेखकों के इस प्रयास की सराहना की और भविष्य में इसी तरह लेखन कर जन कल्याण का कार्य करते रहने की सलाह दी।
कार्यक्रम में अलवर से दर्शनाचार्य प्रशांत, रेवाड़ी से आचार्य योगेंद्र ब्रह्मचारी, दिल्ली से गुरुकुल के संचालक आचार्य योगेश, लाल बहादुर राष्ट्रीय संस्कृत विश्विद्यालय दिल्ली से प्रो रमेश, महेंद्रगढ़ से प्रसिद्ध नैचुरोपैथी विशेषज्ञ डॉ भंवर सिंह कसाना, सोहना से योग नैचुरोपैथी विशेषज्ञ विजेता आर्य, मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान से योग चिकित्सक राहुल चौहान, बाल मंडल अधिकारी कमलेश शास्त्री, नोएडा से शोधार्थी मीनाक्षी, दिल्ली से पवनी बग्गा सहित अन्य प्रदेशों व शहरों के योग आचार्य भी मौजूद रहे।











