रेवाड़ी* 3 जून रिपोर्टर दीपक तिवारी
स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने 15 जून को रेवाडी आ रहे हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से आग्रह किया कि वे आगे दौड़-पीछे छोड़ की रणनीति को छोडकर रेवाडी के विगत 11 सालों से अटके पड़े या कछुआ गति से चल रहे विकास प्रोजेक्टस को पहले पर्याप्त बजट उपलब्ध करवाये, फिर कोई नई घोषणा करे।
विद्रोही ने कहा कि भाजपा राज में विगत दस सालों से यही हो रहा है, चाहे मुख्यमंत्री पद पर मनोहरलाल खट्टर रहे हो या अब नायब सिंह सैनी हो। रेवाडी व अहीरवाल क्षेत्र के प्रति विकास कार्यो व जनसरोकारों में भेदभावपूर्ण, उपेक्षापूर्ण व्यवहार किया जाता आ रहा है। नये-नये विकास प्रोजेक्टस की घोषणा तो होती है, लेकिन न तो उनके लिए पर्याप्त बजट राशी दी जाती है और न ह समय पर कोई विकास परियोजना पूरी होती है। क्या तो पुरानी विकास परियोजनाओं को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है या कछुआ गति से काम होता है जिसके चलते कांग्रेस राज की शुरू की गई विकास परियोजनाएं भी दस वर्षो से लम्बित पडी है।
विद्रोही ने कहा कि लगभग 15 माह से नायब सिंह सैनी हरियाणा के मुख्यमंत्री है और मुख्यमंत्री के रूप में वे अहीरवाल व रेवाडी का कई बार दौरा कर चुके है। लेकिन उन्होंने भी पुरानी परियोजनाओं को पूरा करने पर्याप्त बजट आवंटन में कोई गंभीरता नही दिखाई। खट्टर राज का अहीरवाल के प्रति बरता जा रहा उपेक्षापूण रवैया ही जारी रखा। अब मुख्यमंत्री फिर 15 जून को रेवाडी आ रहे है और उन्हे मुख्यमंत्री पद संभाले भी 15 माह पूरे हो जायेंगे। ऐसी स्थिति में रेवाडी आगमन से पूर्व कम से कम तीन काम तो वे कर ही सकते है। 10 सालों से पीने के पानी के अभाव से ग्रस्त रेवाडी शहर के लिए लगभग 80 एकड़ जमीन अधिग्रहित करके नहरी पानी को एकत्रित करने के लिए पर्याप्त वाटर टैंक निर्माण सुनिश्चित करे। 7-8 सालों से राजकीय सामान्य अस्पताल को 200 बैड का बनाने के लिए भी भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के तहत अपेक्षित जमीन अधिग्रहित करे। वहीं 8 सालों से भवन की बांट जोंह रहे रेवाडी ब्यायज कालेज का भवन निर्माण शुरू करे।
विद्रोही ने कहा कि यदि रेवाडी आने से पूर्व मुख्यमंत्री इन तीनों कामों को पूरा करके नही आते है तो उनका रेवाडी में आकर नई परियोजनाओंं की घोषणा करके रेवाडीवासियों को भावनात्मक रूप से ठगने को कोई औचित्य नही है।











