पत्रकार राखी यादव
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आज यूपी के जनपद मथुरा के बलदेव विधानसभा के गांव नगला पीपरी राजमाता अहिल्याबाई की 300 वीं जयंती रैली निकालकर बड़ी ही धूमधाम एवं हर्षोल्लास व झांकियों के साथ मनाई गई। जिस जयंती समारोह का सनी भारत जिलाध्यक्ष हाथरस एवं मंडल प्रभारी राष्ट्रवादी पार्टी ने फीता काटकर उद्घाटन कर गांव से बाहर मैंन रोड पर अहिल्याबाई होलकर का एक बड़ा बोर्ड भी लगाया गया।जिस मोंके पर सुनीता बघेल जिला सचिव मथुरा, चंदन सिंह विधानसभा अध्यक्ष,एवं अन्य बहुत सैकड़ों की संख्या में धनगर समाज के मौंजूदा लोगों की उपस्थिति में सनी सिंह भारत जिलाध्यक्ष हाथरस एवं मंडल प्रभारी ने राजमाता अहिल्याबाई होलकर के बारे में क्षेत्र वासियों को विस्तार पूर्वक समझाते हुए बताया कि उनका जन्म 31 मई 1725 को महाराष्ट्र के चौंडी गांव में हुआ था, एक महान मराठा शासिका थीं। एक साधारण किसान परिवार में जन्मी अहिल्याबाई ने अपनी बुद्धिमानी, न्यायप्रियता और धार्मिकता से होलकर राज्य को एक नया रूप दिया। उन्होंने मंदिरों का जीर्णोद्धार करवाया, शिक्षा और समाज सुधार के लिए कार्य किया, और अपनी प्रजा की भलाई के लिए हमेशा तत्पर रही।
अहिल्याबाई होलकर का जीवन
जन्म और प्रारंभिक जीवन
अहिल्याबाई का जन्म एक सामान्य किसान परिवार में हुआ था। बचपन से ही वे भगवान शिव की भक्त थीं।
विवाह और विधवा जीवन:
उनका विवाह 10-12 वर्ष की आयु में हुआ था और वे 29 वर्ष की उम्र में विधवा हई थी।











