
रेवाड़ी 16 मई रिपोर्टर दीपक तिवारी
विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने मसानी बैराज का दौरा किया, ग्रामीणों ने अशोधित जल प्रदूषण की ओर ध्यान दिलाया प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को अनेक शिकायतों के बावजूद, मसानी बैराज क्षेत्र में बिना उपचारित, रसायनयुक्त पानी छोड़ा जा रहा है, जो रेवाड़ी जिले के आसपास के गांवों के भूजल और कृषि भूमि पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है।विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने अधिकारियों के साथ शुक्रवार को मसानी बैराज पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। आस-पास के गांवों से लोग वहां एकत्र हुए और उन्हें अपनी शिकायतें बताईं। उन्होंने दावा किया कि वे इस मुद्दे को हल करने के लिए हर जगह दौड़े, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इलाके में जमा पानी का रंग हरा है और उसमें से दुर्गंध आ रही है – जो इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि आस-पास के इलाकों के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से अनुपचारित पानी छोड़ा जा रहा है। इससे भूजल दूषित हो रहा है, साथ ही आस-पास के गांवों के पेड़ों और अन्य वनस्पतियों को भी नुकसान पहुंच रहा है।”
कांग्रेस सरकार ने नहर का पानी यहां तक पहुंचाने और लोगों को लाभ पहुंचाने तथा भूजल स्तर को सुधारने के लिए बैराज को जेएलएन नहर से जोड़ा था, लेकिन यहां केमिकल युक्त दूषित पानी छोड़ा जा रहा है और राज्य सरकार इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।” नपा चेयरमैन कँवर सिंह ने बताया
कि इस समस्या के कारण आसपास के खलियावास, खरकड़ा, तितारपुर, मसानी, डूंगरवास, निखरी, भटसाना, निगानियावास, रसगण, जड़थल गांवों के लोगों का जीवन दूभर हो गया है। उन्होंने कहा, “लोग त्वचा व अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं, फसलें नहीं उग रही हैं और बोरवेल का पानी पशुओं के लिए इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है।” 29 सितंबर
2018 को पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने यहां का दौरा किया था और घोषणा की थी कि मसानी बैराज को पर्यटन स्थल बनाया जाएगा। उन्होंने यहां बोटिंग की सुविधा देने का भी वादा किया था और कहा था कि इससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे, लेकिन इस संबंध में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसके बजाय मसानी बैराज गंदे पानी की झील में तब्दील हो गया है।”
गौरतलब है कि एनजीटी इस संबंध में एक शिकायत पर सुनवाई कर रहा है। हाल ही में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के स्थानीय कार्यालय ने एनजीटी में एक रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने रेवाड़ी के डिप्टी कमिश्नर को पांच एसटीपी से 3 करोड़ रुपये से अधिक का पर्यावरण मुआवजा वसूलने का आग्रह किया है। सूत्रों ने कहा कि एसटीपी ने तय समय में जुर्माना जमा नहीं कराया। यहां य़ह भी बता दें कि विधायक लक्ष्मण सिंह ने विधानसभा में इस दूषित पानी का मुद्दा जोर शोर से उठाया था l इसके बाद प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण किया निरीक्षण के समय किसी को खबर नहीं की चुपचाप खानापूर्ति करके चले गए जब विधायक ने पता चला तो उन्होंने लताड़ लगाई अब खुद फील्ड में उतरे हैं l विधायक ने कहा मुझे नहीं पता दूषित पानी का प्रबंधन होना चाहिए नहीं तो यहां से बोरियां बिस्तर बाँध ले l











