बलिया : रेवती थाना क्षेत्र के दलछपरा गांव में शुक्रवार को फौजी दीपक यादव का शव पहुंचते ही कोहराम मच गया। फौजी के अंतिम दर्शन को जुटी भीड़ दीपक यादव को न्याय दो का नारा लगाते हुए शव दरवाजे पर रखकर धरने पर बैठ गई। ग्रामीणों की मांग है कि दीपक यादव की मौत मामले की उच्चस्तरीय जांच हों। यही नहीं, इस मांग पर जिला प्रशासन के उच्चाधिकारी या मुख्यमंत्री की ओर आश्वासन जब तक नहीं मिलेगा, शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। परिजनों का आरोप हैं कि दीपक ने खुदकुशी नहीं की है, उसकी हत्या की गई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बताया जा रहा हैं कि दीपक करीब 10 वर्ष से सेना के मेडिकल कोर में कार्यरत थे, उनकी तैनाती राजस्थान के सूरतगढ़ में थी। मृत जवान दीपक की पत्नी गोल्डी का कहना है कि एक अप्रैल की रात हमारी बात अपने पति से हो रही थी। उसके बाद सेना के अधिकारियों का फोन आया कि अपने पति के भाई का नंबर दे दीजिए। मैंने इनके छोटे भाई का नंबर दिया। इसके बाद जब मैनें पुन: फोन किया तो पता चला कि उनकी मौत हो गई है। मृतक के पत्नी ने यूनिट के कुछ जवानों पर हत्या का आरोप लगाया है।











