November 2, 2026 10:36 pm

नये iG -DIG के पदस्थापना से, उपलब्धि दिखाने के लिए दो चार दिन मचेगी पुलिस की धमाचौकड़ी…..*

रिपोर्टर आशीष कुमार मिश्रा मध्य प्रदेश

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*रीवा समाचार/Ⓜ️/S✍🏻*

रीवा जिले में पुलिस सहित लगभग सभी विभागों में ठेका पद्धति लागू है……..जो जितनी अधिक बोली लगाते उन्हें उतना आमदनी वाले विभाग एवं थाना मिलते हैं……? पुलिस के सूत्र बताते हैं कि रीवा शहर के समान,, सिविल लाइन, चोरहटा , अमहिया, सिटी कोतवाली, विश्वविद्यालय थाना, बिछिया , यातायात थाना मे पोस्टिंग के लिए सौदेबाजी करनी पड़ती है…. क्षेत्रीय थाना भी सफेद पोश नेताओं की सिफारिश एवं वरिष्ठो की सौदेबाजी के बाद मिलते हैं…! (पुलिसिया सूत्र द्वारा दी गई जानकारी में कितनी सच्चाई है! यह जांच का विषय है अथवा विभाग के अधिकारी , कर्मचारी ही बता सकते हैं…….!) उसके चलते, पुलिस को अपनी पूंजी एवं आमदनी की खाई को पाटने के लिए जुआं, सट्टा, कोरेक्स, शराब की पैकारी, मदिरा ठेकेदार,चोर बदमाश,, लुटेरों से समानांतर संबंध स्थापित करके चलना पड़ता है,, गिट्टी, ट्रको,,/बालू ट्रकों‌ की गिनती एवं लेखा-जोखा रखने के लिए आज कल थाना प्रभारी मददगार या हमराह पर भरोसा नहीं करते हैं अपने निजी चालकों को पैसे के संग्रहण के लिए रखते हैं,,खास तौर पर जिन थाने में महिला थाना प्रभारी तैनात हैं वो चाहे बिछिया हो या मंनगवा,हर जगह निजी चालक पर आमदनी का हिसाब किताब रखते हैं……? रीवा/मऊगंज जिला ऐसे जिले हैं जहां कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है,, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण है कि पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना को रीवा में दो दिन रहकर तमाम बारीकियां भांप कर वसूली करने वाले ओहदेदार पुलिस अधिकारियों को अपनी नज़र के सामने पुलिस मुख्यालय में पदस्थ करना पड़ा! रीवा जिले में शहर से लेकर गांव तक थाना में बीट बेचने का काम किया जाता है,, अपराध रोकने की प्रवृत्ति कम अपराध होने की प्रतीक्षा की जाती है ताकि दोहरा मुनाफा हासिल किया जा सके,, थाना प्रभारी तो आम‌ जनता से मिलते नहीं है …….. सर्वाधिक महत्वपूर्ण थाना निरीक्षकों को बेंच दिया गया है…..? सिटी कोतवाली , अमहिया, बिछिया जैसे महत्वपूर्ण थाना उपनिरीक्षकों के‌ हवाले किया गया है …..! रीवा में कोरेक्स बेचने का धंधा,, कबाड़ी मुहल्ले में विभिन्न अपराध की फैक्ट्री ….. शराब ठेकेदारों का साथ .शराब पैकारी, जुआं सट्टा, कोरेक्स के अवैध करोबारी सभी आमदनी के साधन है…..? पुलिस सूत्र बताते हैं कि इसी अवैध आमदनी से वरिष्ठ अधिकारियों की बेगारी भी शामिल हैं…. यह किसी से छुपा नहीं…..! नये आईं जी साहब रीवा को रीवा की आवोहवा एवं सिफारिश पर बोलीं लगा कर थाना प्रभारी बने हुए लोगों की जड़ों को हिलाने के लिए काफी गंभीरता से अध्ययन करने की जरूरत है ……! विभागीय लोगों के बीच से अपुष्ट तरीके से मिल रही जानकारी में सिटी कोतवाली, सिविल लाइन,,समान,, चोरहटा अमहिया, बिछिया , यातायात थाना दो लाख रूपए से अधिक के माहवारी वाले थाना है .. ….जो अवैध करोबारी प्रतिमाह देते हैं …..? इस बात पर कितनी सच्चाई है यह तो अवैध कारोबारी एवं पुलिस ही बता सकती है …..! यह जांच का विषय है ……..! रीवा जिले में अवैध कारोबारी पुलिस थाना क्षेत्र में अवैध कारोबार कैसे कर रहे हैं ……. ? इसके बाद अपराध की श्रंखला पर निर्भर करता है कि कौन कितना अधिक तेल निकाल लेता है…….! यही हाल लगभग क्षेत्रीय थानो का है ! लेकिन महनवारी कम है ….! ऐसा पुलिस के सूत्र बताते हैं ! चूंकि रीवा मे आईं जी __डीआईजी,, दोनों महत्वपूर्ण अधिकारियों की एक साथ पदस्थापना यह साबित करती है की रीवा में कानून व्यवस्था पूरी तरह लड़खड़ा गया था,,, जिसे काबू में करने से पहले अपने विभाग के उन मगरमच्छों की तरफ़ गोपनीयता से नजर रखनी होगी जो एक सप्ताह तक जेब कतरे,, छिछोरे,, आटो टैक्सी मोटरसाइकिल चेकिंग अभियान चला कर उपलब्धि बटोरने की परंपरा का पालन करेंगे,, बकायदा दो चार पुराने वारंट तामील कर ,,,, दो चार, सट्टा पर्ची ,दो चार पांव मंदिरा की जप्ती करने की वाहवाही बटोरी जायेंगी………!

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