November 2, 2026 10:36 pm

उल्हासनगर /महाराष्ट्र: उल्हासनगर में RTI कार्यकर्ता और पत्रकार की निर्मम हत्या, दो घंटे में तीन आरोपी गिरफ्तार

योगेश यादव महाराष्ट्र ब्यूरो चीफ

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पुरानी रंजिश ने ली जान, स्टेशन परिसर में चाकू और गोलियों से किया गया हमला

उल्हासनगर, 15 अक्टूबर। ठाणे जिले के उल्हासनगर में बुधवार रात एक सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया। आरटीआई कार्यकर्ता और स्थानीय पत्रकार हरीश गजवानी (54) की उल्हासनगर रेलवे स्टेशन परिसर के कैंप-4 क्षेत्र में बेरहमी से हत्या कर दी गई। हमलावरों ने पहले उन पर धारदार हथियार से कई वार किए और उसके बाद सिर में गोलियां दागकर उनकी हत्या कर दी। भीड़भाड़ वाले इलाके में हुई इस वारदात से इलाके में दहशत का माहौल फैल गया।

पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना के महज दो घंटे के भीतर तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे वर्षों पुरानी दुश्मनी को मुख्य कारण बताया जा रहा है।

स्टेशन के पास घात लगाकर किया हमला

जानकारी के अनुसार, बुधवार रात करीब 8:30 बजे हरीश गजवानी रेलवे स्टेशन के पास पैदल जा रहे थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने उन पर अचानक हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों ने पहले चॉपर और चाकू जैसे धारदार हथियारों से हमला किया। जब गजवानी गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े, तब हमलावरों ने उनके सिर में दो गोलियां दाग दीं।

हमला इतना घातक था कि गजवानी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार होने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया।

दो घंटे के भीतर पुलिस की बड़ी कामयाबी

घटना की सूचना मिलते ही विठ्ठलवाडी पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें सक्रिय हो गईं। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सचिन गोरे के मार्गदर्शन में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान मिलिंद नगर क्षेत्र से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अविनाश नायडू, नूर आलम खान और विजय पूनम सिंह उर्फ पुरान सिंह के रूप में हुई है। पूछताछ और प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने तीनों को हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया।

2021 की दुश्मनी बनी हत्या की वजह

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह हत्या अचानक नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही आपसी रंजिश का परिणाम हो सकती है। वर्ष 2021 में आरोपी अविनाश नायडू पर एक जानलेवा हमला हुआ था। उस मामले में हरीश गजवानी का नाम भी चर्चा में आया था।

जांच अधिकारियों का मानना है कि उसी पुराने विवाद का बदला लेने के लिए इस हत्याकांड की साजिश रची गई। हालांकि पुलिस अभी सभी पहलुओं की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हत्या की योजना में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।

अवैध कारोबारों के खिलाफ उठाते थे आवाज

हरीश गजवानी इलाके के जाने-माने आरटीआई कार्यकर्ता और पत्रकार थे। वे ‘शहाणी एक्सप्रेस’ नामक स्थानीय समाचार पत्र और यूट्यूब चैनल का संचालन करते थे। गजवानी डांस बार, मटका जुआ, गुटखा कारोबार और अवैध लॉटरी जैसे मामलों को लेकर लगातार सक्रिय रहते थे।

आरटीआई आवेदनों, सोशल मीडिया अभियानों और समाचार रिपोर्टों के माध्यम से वे कई मुद्दों को सार्वजनिक मंच पर उठाते रहे थे। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर अपनी जान को खतरा होने की आशंका भी व्यक्त की थी।

पुलिस कई एंगल से कर रही जांच

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार हरीश गजवानी स्वयं भी एक पुराने मामले में जमानत पर बाहर थे। ऐसे में जांच एजेंसियां उनकी गतिविधियों, पुराने विवादों और हाल के मामलों की भी पड़ताल कर रही हैं।

विठ्ठलवाडी पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। जांच टीम हत्या में इस्तेमाल हथियारों की बरामदगी, घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज और संभावित साजिशकर्ताओं की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े हर पहलू की गहन जांच की जाएगी और यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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