November 2, 2026 8:07 pm

तेज DJ साउंड के खिलाफ साईं परिवार ने खोला मोर्चा, डिप्टी कलेक्टर और SDOP को सौंपा ज्ञापन, कोलाहल अधिनियम का कड़ाई से पालन कराने की मांग

 

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देवेन्द्र मेवाड़ा PNP News समाचार

 

आगर मालवा। शहर में सार्वजनिक स्थलों पर तेज आवाज में बजाए जा रहे हाई-फ्रीक्वेंसी डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के खिलाफ अब साईं परिवार आगर ने आवाज बुलंद की है। संस्था की ओर से डिप्टी कलेक्टर अर्पिता राय एवं SDOP नीलम बघेल को ज्ञापन सौंपकर सार्वजनिक आयोजनों में ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी रोक लगाने तथा मध्यप्रदेश कोलाहल अधिनियम का कड़ाई से पालन कराने की मांग की गई।

ज्ञापन में बताया गया कि शहर में धार्मिक, सामाजिक एवं वैवाहिक आयोजनों के दौरान तेज आवाज में डीजे एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग किया जा रहा है। देर रात तक बजने वाले तेज डीजे से आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। संस्था ने कहा कि अत्यधिक तेज ध्वनि का मानव स्वास्थ्य, विशेषकर हृदय और मस्तिष्क पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

शिकायत करने वालों पर दबाव बनाने का आरोप

साईं परिवार ने ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया कि सामाजिक आयोजनों से जुड़े लोगों के प्रभाव के कारण कई नागरिक खुलकर विरोध या शिकायत नहीं कर पाते। संस्था के अनुसार, पूर्व में शिकायत करने पर आयोजन से जुड़े कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा शिकायतकर्ताओं को दुकानों पर जाकर धमकाने तथा शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाने की बात भी सामने आई है।

संस्था ने प्रशासन से मांग की कि नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और शिकायत करने वाले लोगों को किसी प्रकार का दबाव या भय न झेलना पड़े, इसके लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

70 डेसिबल की अनुमति, नियमों के पालन की मांग

ज्ञापन में कोलाहल अधिनियम के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि निर्धारित सीमा से अधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले उपकरणों के उपयोग पर नियंत्रण आवश्यक है। संस्था का कहना है कि एक सामान्य DJ स्पीकर ही अत्यधिक तेज ध्वनि उत्पन्न कर सकता है, ऐसे में सार्वजनिक आयोजनों में ध्वनि की निर्धारित सीमा और समय-सीमा का पालन कराया जाना बेहद जरूरी है।

साईं परिवार ने प्रशासन से मांग की कि शहर में होने वाले धार्मिक, सामाजिक एवं वैवाहिक कार्यक्रमों में ध्वनि सीमा, निर्धारित समय और अनुमति संबंधी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि शहरवासियों को अनावश्यक ध्वनि प्रदूषण से राहत मिल सके।

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